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'पोप की कार' न हो सकी नीलाम | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पोप बेनेडिक्ट सोलहवें की इस्तेमाल की हुई एक कार को नीलामी में इतनी कम रक़म का प्रस्ताव मिला कि उसे नीलाम ही नहीं किया गया. कार की लगाई जाने वाली ताजा बोली उस स्तर को नहीं छू पाई जो कीमत इसे दो वर्ष पहले हुई नीलामी में मिली थी. 1999 मॉडल के धूसर रंग की वोल्क्सवैगेन गोल्फ कार की ई-बे पर की गई नीलामी अधिक से अधिक दो लाख चार हज़ार डॉलर के स्तर तक ही पहुँचने के बाद बंद कर दी गई. गोल्डन पैलेस कसीनो ने कार के पिछले मालिक एक जर्मन नागरिक से दो लाख 44 हज़ार डॉलर में यह कार खरीदी थी. जर्मन नागरिक ने पहली नीलामी में इस कार को महज़ 13 हज़ार पाँच सौ डॉलर में खरीदा थी. गोल्डन पैलेस ने बताया कि गाड़ी के जर्मन काग़जातों में इस जर्मन नागरिक का नाम जोसेफ कार्डिनल रात्सिंगर बताया गया है. ई-बे ने कहा है कि इसने जाँच करके इस बात की पुष्टि कर ली है कि यह कार धर्मगुरु बनने से पहले पोप बेनेडिक्ट XVI की ही थी. इस कार की पहली नीलामी ज़बर्दस्त रही थी जब 24 घंटे के भीतर ही इसकी बोली दोगुनी हो गई थी. उस समय कहा गया था कि पोप ने इस कार को कभी चलाया ही नहीं क्योंकि उनके पास ड्राइविंग लाइसेंस ही नहीं था. यह भी कहा गया था कि पोप के निजी सचिव ने उनके लिए दक्षिणी जर्मनी में यह कार खरीदी थी. बाद में इसे रोम में उनके आवास पर ले जाया गया और पोप के नाम से इसे रजिस्टर्ड करवाया गया था. यह पता नहीं चल सका है कि कार के वर्त्तमान मालिक इस अमरीकी ऑनलाइन कसीनो ने कार की रिज़र्व कीमत कितनी रखी थी. | इससे जुड़ी ख़बरें केनेडी की डायरी की नीलामी19 जुलाई, 2003 | पहला पन्ना सुपरमैन के कपड़ों की नीलामी31 जुलाई, 2003 | पहला पन्ना कामोत्तेजक चिट्ठी ढाई लाख पाउंड में 09 जुलाई, 2004 | पहला पन्ना कौमार्य के लिए 15 लाख डॉलर की बोली लेकिन....!26 अप्रैल, 2005 | पहला पन्ना नीलामी के लिए 'सद्दाम की वर्दी'30 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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