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कामोत्तेजक चिट्ठी ढाई लाख पाउंड में | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लंदन में 95 साल पुरानी एक कामोत्तेजक चिट्ठी दो लाख 40 हज़ार 800 पाउंड में नीलाम हुई यानी दो करोड़ रूपए से भी अधिक में. ये चिट्ठी लिखी थी यूलिसिस कृति के रचनाकार ब्रितानी लेखक जेम्स जॉयस ने अपनी पत्नी नोरा बार्नेकल के नाम. चिट्ठी की नीलामी हुई लंदन के सोदेबी नीलामघर में. ये चिट्ठी उम्मीद से चार गुना ज़्यादा बोली लगाकर ख़रीदी गई. और नीलामी में सबसे ऊँची बोली जिसने लगाई उसने अपनी पहचान तक नहीं बताई. चिट्ठी जेम्स जॉयस की इस चिट्ठी की चर्चा काफ़ी पहले से होती रही थी. चिट्ठी उन्होंने एक दिसंबर 1909 को लिखी थी और इस चिट्ठी में लिखित कामोत्तेजक बातों के बारे में उन्होंने अपनी बाद की कई चिट्ठियों में ज़िक्र किया था. लेकिन चिट्ठी लंबे समय तक ग़ायब रही जिसके कारण ये मान लिया गया कि चिट्ठी नष्ट हो चुकी है. फिर हुआ ये कि जॉयस की रचनाओं पर काम करनेवाले एक शोधकर्ता ने उनकी एक पुरानी किताब में ये ख़त यूँ ही पड़ा पाया. ये किताब जेम्स जॉयस के भाई के संग्रह में थी और इसमें उन्होंने अपनी बार्नेकल के प्रति अत्यंत कामुक इच्छाएँ व्यक्त की थीं. पागलपन जॉयस ने अपनी चिट्ठी का अंत यूँ किया,"ऊपरवाला मेरे पागलपन के लिए मुझे माफ़ करे..जिम". सोदेबी के अंग्रेज़ी साहित्य के विशेषज्ञ पीटर सेली ने कहा,"ये जॉयस और नोरा का संबंध ही था जिसकी बदौलत जॉयस ने साहित्य रचा और ख़ासतौर से उनके उपन्यास यूलिसिस में इसकी झलक मिलती है". जेम्स जॉयस और नोरा बार्नेकल पहली बार 16 जून 1904 को मिले थे. 1931 में उनकी शादी हुई और 1941 में जॉयस का देहांत हो गया. नीलामी में जेम्स जॉयस की अपनी प्रेमिका को लिखी दो और चिट्ठियाँ नीलाम हुईं. एक चिट्ठी बिकी 33 हज़ार 600 पाउंड में जबकि दूसरी 84 हज़ार पाउंड में बिकी. नीलामी में जेम्स जॉयस की कृति यूलिसिस की एक बिल्कुल पुरानी प्रति 84 हज़ार पाउंड में बिकी. |
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