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गुरुवार, 01 फ़रवरी, 2007 को 15:11 GMT तक के समाचार
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ब्रिटेन में अपहरण साज़िश की जाँच
ब्रितानी पुलिस
अनेक घरों की तलाशी ली गई है
ब्रिटेन में पुलिस ने एक मुस्लिम सैनिक का अपहरण करने और फिर उसकी हत्या करने की कथित साज़िश रचने के आरोप में गिरफ़्तारियाँ करने के बाद गुरूवार को कुछ स्थानों की तलाशी और सामान की जाँच-पड़ताल का काम जारी रखा.

पुलिस ने इस तरह की कथित साज़िश रचने के आरोप में बुधवार को बरमिंघम में अनेक घरों में छापे मारकर नौ लोगों को गिरफ़्तार किया था और गुरूवार को उनसे पूछताछ जारी रही.

पुलिस का कहना है कि गिरफ़्तार किए गए लोगों ने एक ब्रिटिश मुस्लिम सैनिक को अगवा करने और फिर उसकी हत्या करने की साज़िश रची थी और हत्या करने की वीडियो फ़िल्म बनाने की भी योजना थी.

इस ब्रिटिश मुस्लिम सैनिक के बारे में कहा गया है कि वह अफ़ग़ानिस्तान में तैनात रह चुका है और इस समय ब्रिटेन में छुट्टियाँ बिता रहा है.

पुलिस ने अब कहा है कि इस पूरे मामले की जाँच में अगर कई सप्ताह नहीं तो 'कई दिन' तो लग ही सकते हैं.

पुलिस ने बरमिंघम शहर में अनेक घरों और सड़कों को सील कर दिया है और अनेक घरों, दुकानों और स्टोरों की तलाशी का काम गुरूवार को भी जारी रहा.

पुलिस ने सभी नौ लोगों को आतंकवाद निरोधक क़ानून के तहत गिरफ़्तार किया गया है. इसका मतलब ये है कि पुलिस इन सभी लोगों को पूछताछ के लिए अपने पास 28 दिन तक रख सकती है. उन्हें वेस्ट मिडलैंड्स में अनेक पुलिस थानों में रखा गया है.

आशंका

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कार्यालय 10 डाउनिंग स्ट्रीट के सूत्रों ने बीबीसी को बताया कि गृह मंत्री जॉन रीड इस बारे में ताज़ा स्थिति की जानकारी गुरूवार को मंत्रिमंडल को दी.

ब्रितानी पुलिस

बीबीसी के रक्षा मामलों के संवाददाता पॉल वुड का कहना है कि रक्षा मंत्रालय ने चिंता जताई है कि इस तरह की साज़िश अगर कामयाब हो जाती हैं तो इससे ब्रिटेन की सेना में मुसलमानों की भर्ती पर असर पड़ सकता है.

ब्रिटेन की सशस्त्र सेनाओं में फिलहाल कुल 330 मुस्लिम सैनिक हैं कुल सैन्य संख्या का 0.2 प्रतिशत हैं.

2001 की जनगणना के अनुसार ब्रिटेन में मुसलमानों की जनसंख्या तीन प्रतिशत है इसलिए ब्रितानी रक्षा मंत्रालय मुसलमानों को सेनाओं में भर्ती करने के लिए काफ़ी उत्सुक है.

एक मुस्लिम ब्रितानी सैनिक जबरान हाशमी की साल 2006 में अफ़ग़ानिस्तान में तैनाती की दौरान मौत हो गई थी और उन्हें अफ़ग़ानिस्तान में लड़ाई के मोर्चे पर जान देने वाले पहला मुस्लिम ब्रिटिश सैनिक बताया गया है.

जबरान हाशमी के भाई ज़ीशान हाशमी का कहना है कि इस तरह की अफ़वाहें झूठ हैं कि इस कथित साज़िश का निशाना वही थे. ज़ीशान हाशमी बरमिंघम में ही रहते हैं और वह भी ब्रिटेन की तरफ़ से अफ़ग़ानिस्तान में तैनात रह चुके हैं और इस समय कैम्ब्रिज में अध्ययन कर रहे हैं.

ज़ीशान हाशमी ने बीबीसी से कहा, "शुरू में लोगों ने सोचा कि इस कथित साज़िश का निशाना मैं हो सकता हूँ लेकिन नहीं, मैं एकदम स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूँ कि इसका निशाना मैं बिल्कुल नहीं था."

हाशमी ने कहा, "मैं भी एक सैनिक रहा हूँ और अनेक मुस्लिम मेरे दोस्त हैं जो ब्रिटेन की सशस्त्र सेनाओं में सेवा कर रहे हैं. मैं नहीं समझता कि इस तरह की घटनाओं से सेना में सेवा करने के हमारे इरादे पर कोई असर पड़ेगा."

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