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ब्रिटेन ने रक्षा सौदे की जाँच रोकी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन ने अपनी रक्षा कंपनी बीएई सिस्टम्स और साउदी अरब के बीच हुए हथियार सौदे में कथित धांधली की जाँच के काम को रोक दिया है. इस बाबत ब्रिटेन के एटॉर्नी जनरल लॉर्ड गोल्डस्मिथ ने कहा कि अगर इस जाँच को जारी रखा जाता है तो इससे दोनों देशों के संबंधों पर असर पड़ सकता है. उन्होंने कहा कि जाँच को जारी रखने से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है. एटॉर्नी जनरल ने स्पष्ट करते हुए कहा कि ऐसा नहीं सोचना चाहिए कि व्यापारिक हितों या देश की अर्थव्यवस्था को फ़ायदे की वजह से ऐसा किया जा रहा है. हालांकि ब्रिटेनी की रक्षा कंपनियों का इस बाबत कहना है कि अगर इस जाँच के काम को नहीं रोका जाता है तो इससे साउदी अरब के साथ भविष्य में होने वाली अच्छी सौदेबाज़ी को नुकसान उठाना पड़ सकता है. उधर रक्षा कंपनी बीएई सिस्टम्स और साउदी अरब की सरकार भी इस मामले में किसी भी ग़लती से इनकार कर रहे हैं. बीएई सिस्टम्स ब्रिटेन की सबसे बड़ी रक्षा कंपनी है. मामला धोखाधड़ी के गंभीर मामलों की पड़ताल करने वाले विभाग की ओर से इस रक्षा कंपनी और साउदी अरब के बीच हुए अल यमामा हथियार सौदे की जाँच की जा रही थी. जाँच इस बात को लेकर की जा रही थी कि क्या इस सौदे को तय करने के लिए रिश्वत दी गई थी. इस सौदे के तहत लगभग 480 अरब रूपए के लड़ाकू विमानों का सौदा किया गया था. ग़ौरतलब है कि इसी महीने की शुरूआत में फ्रांस और साउदी अरब के अधिकारियों के बीच एक वैकल्पिक सौदे पर बातचीत हो रही थी. माना जा रहा था कि फ्रांस और साउदी अरब के बीच यह समझौता ब्रिटिश कंपनी बीएई की बिक्री को प्रभावित कर सकता था. | इससे जुड़ी ख़बरें ब्रिटेन और सऊदी अरब में रक्षा सौदा22 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना 'रक्षा दलालों के लिए नई व्यवस्था हो'14 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस सीबीआई करेगी रक्षा सौदे की जाँच23 अप्रैल, 2005 | भारत और पड़ोस बोइंग टैंकर की ख़रीद पर पेंटागन की रोक02 दिसंबर, 2003 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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