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'बढ़ रहा है अल क़ायदा से ख़तरा' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन की आंतरिक ख़ुफिया सेवा एमआई-5 की प्रमुख का कहना है कि चरमपंथी संगठन अल क़ायदा से गंभीर ख़तरा है और ये ब्रितानी ठिकानों को निशाना बना सकते हैं. एमआई-5 की प्रमुख डेम एलिज़ा मनिंघम बुलर के मुताबिक अभी लगभग 200 अलग अलग संगठनों के 1600 से अधिक लोग ब्रिटेन और अन्य ठिकानों पर हमला करने की कोशिश कर रहे हैं. उनका कहना है कि अभी ब्रिटेन की ख़ुफ़िया एजेंसी को कम से कम 30 ऐसी साजिशों के बारे में जानकारी है लेकिन यह संख्या और अधिक हो सकती है. बुलर कहती हैं कि इन संगठनों में से कुछ सीधे पाकिस्तान में अल क़ायदा से निर्देश पाते हैं और कुछ ओसामा बिन लादेन से कहीं न कहीं प्रेरणा पा रहे हैं. उनका कहना है कि पिछले वर्ष लंदन में हुए धमाकों के बाद से लेकर अब तक पाँच अन्य बड़ी साजिशों को नाकाम किया जा चुका है. बुलर ने कुछ सर्वेक्षणों का हवाला दिया जिसमें कहा गया है कि एक लाख से अधिक ब्रितानी मुसलमान लंदन धमाकों को जायज ठहराते हैं. ख़तरा उन्होंने संभावित ख़तरों के प्रति आगाह करते हुए कहा, "आज हम कम शक्तिशाली बमों का इस्तेमाल देख रहे हैं. कल के लिए जो ख़तरे हैं उनमें रासायनिक, जैविक, विकिरण सामग्रियों और यहाँ तक कि आणविक तकनीक का भी इस्तेमाल हो सकता है." बुलर कहती हैं, "हमें लोगों की हत्या और हमारी अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुँचाने की कई साजिशों के बारे में पता है. ऐसी साजिशों की संख्या से मेरा क्या मतलब है-पाँच या दस. नहीं लगभग 30 ऐसी साजिशों के बारे में अभी हमें जानकारी है." वो कहती हैं, "इन साजिशों के तार अमूमन पाकिस्तान में अल क़ायदा से जुड़े होते हैं और इन्हीं संपर्कों के ज़रिए अल क़ायदा व्यापक स्तर पर ब्रिटेन में अपने साथियों को दिशा निर्देश और प्रशिक्षण देता है." 9/11 की घटना के बाद एमआई-5 के कर्मचारियों की संख्या में लगभग 50 फ़ीसदी का इजाफ़ा हुआ है और अभी लगभग 2800 लोग इसमें काम करते हैं. लेकिन बुलर कहती हैं कि चिंता इस बात की है कि एमआई-5 का आकार बढ़ने के बावजूद ब्रिटेन में सभी तरह की गितिविधियों की जाँच करना इसके लिए संभव नहीं होगा. | इससे जुड़ी ख़बरें 'अल क़ायदा के निशाने पर ब्रिटेन'19 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना विमान को 'ख़तरे' में इटली में उतारा18 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना जाँच में 'ख़ास वीडियो' मिले18 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना बुश ने ज़वाहिरी की चेतावनी ख़ारिज की04 अगस्त, 2005 | पहला पन्ना लिब्बी की गिरफ़्तारी बड़ी उपलब्धि: बुश05 मई, 2005 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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