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शुक्रवार, 13 अक्तूबर, 2006 को 09:44 GMT तक के समाचार
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ग्वांतनामो शिविर बंद करने से इनकार
ग्वांतनामो बे शिविर में बंदी
ग्वांतनामो बे शिविर के औचित्य पर सवाल उठते रहे हैं
अमरीका सरकार ने ब्रिटेन के इस आहवान को ख़ारिज कर दिया है कि वह क्यूबा के ग्वांतनामो बे नौसैनिक अड्डे पर अपने विवादास्पद बंदी शिविर को बंद करे.

ब्रिटेन की विदेश मंत्री मार्गेरेट बैकेट ने कहा है कि यह शिविर मानव अधिकार के मामले में अस्वीकार्य है और आतंकवाद के ख़िलाफ़ असरदार लड़ाई में इससे कोई मदद नहीं मिली है.

लेकिन अमरीकी सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा कि "कुछ बेहद ख़तरनाक" लोगों को बंदी बनाकर रखने के लिए इस शिविर की ज़रूरत है, और इनमें कुछ ऐसे लोग बी हैं जो 11 सितंबर 2001 के हमलों के लिए ज़िम्मेदार थे.

मार्ग्रेट बैकेट ब्रिटेन की सबसे उच्चाधिकारी हैं जिसने ग्वांतनामो बे शिविर में बंदियों को मुक़दमा चलाए बिना ही रखने के लिए अमरीका की खुले तौर पर आलोचना की है.

बैकेट ने कहा है कि अमरीकी बंदी शिविर ने सुरक्षा को और बढ़ाने के बजाय चरमपंथियों को और ज़्यादा कट्टर बनाने में ज़्यादा मदद की है.

मार्ग्रेट बैकेट ने कहा, "लोगों को बिना मुक़दमा चलाए ही बंदी बनाकर रखना मानवीय आधार पर स्वीकार नहीं किया जा सकता, इतना ही नहीं यह आतंकवाद विरोधी उपायों में भी असरदार साबित नहीं हुआ है."

इस बीच अमरीकी जेल गार्डों के हाथों बंदियों की प्रताड़ना संबंधी कुछ नए आरोप सामने आए हैं.

अमरीकी मरीन सार्जेंट हीदर सरवेनी एक सैनिक वकील के सहायक के तौर पर तीन सप्ताह पहले ग्वांतनामो बे शिविर गई थीं. उनका कहना है कि वहाँ उन्हें पाँच नौसैनिक गार्डों ने विस्तार से बताया कि वे किस तरह बंदियों की पिटाई करते हैं.

हीदर ने एक शपथ-पत्र में कहा है, "एक नाविक ने ख़ासतौर से कहा - मैं बंदी को सिर से पकड़ता हूँ और उसका सिर कोठरी के दरवाज़े से टकराता हूँ."

वाशिंगटन में बीबीसी संवाददाता जेम्स वेस्टहैड का कहना है कि ये आरोप काफ़ी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि वे अमरीकी सेना के एक सेवारत सैनिक की तरफ़ से लगाए गए हैं.

सार्जेंट हीदर सरवेनी ने यह मामला सेना के इंस्पैक्टर जनरल को रिपोर्ट कर दिया है जो इस मामले में एक औपचारिक जाँच बिठाने पर विचार कर रहे हैं.

हमेशा के लिए नहीं

अमरीकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सीयन मैक्कोरमैक ने ग्वांतनामो बे शिविर को बंद करने के आहवान को ख़ारिज करते हुए कहा है कि इसे तब तक वजूद में रखा जाएगा जब तक इसकी ज़रूरत होगी.

वो दिन जल्दी आए...
 हम स्पष्ट करने देना चाहते हैं कि हम ग्वांतनामो बे शिविर को हमेशा के लिए नहीं रखना चाहते हैं. हम दुनिया के जेलर नहीं बनना चाहते हैं. हम वो दिन जल्दी लाना चाहते हैं जब ग्वांतनामो बे शिविर बंद किया जाएगा.
अमरीकी प्रवक्ता

प्रवक्ता ने कहा, "हम स्पष्ट करने देना चाहते हैं कि हम ग्वांतनामो बे शिविर को हमेशा के लिए नहीं रखना चाहते हैं. हम दुनिया के जेलर नहीं बनना चाहते हैं. हम वो दिन जल्दी लाना चाहते हैं जब ग्वांतनामो बे शिविर बंद किया जाएगा."

अमरीकी कांग्रेस ने सितंबर गत सितंबर में एक क़ानून पास करके विशेष सैन्य ट्राइब्यूनलों को ग्वांतनामो बे शिविर के बंदियों पर मुक़दमे चलाने की इजाज़त दी थी.

उधर रेडक्रॉस ने शुक्रवार को कहा है कि उसके कार्यकर्ताओं ने 11 सितंबर 2001 के हमलों के कथित षडयंत्रकारियों से मुलाक़ात की है जो ग्वांतनामो बे शिविर में रखे मौजूद हैं.

यह पहला मौक़ा था कि ख़ालिद शेख़ मोहम्मद और 13 अन्य ख़तरनाक बंदियों ने अपनी गिरफ़्तारी के बाद किन्हीं बाहरी व्यक्तियों से मुलाक़ात की है.

अब ग्वांतनामो बे शिविर में लगभग 450 बंदी रखे गए हैं.

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