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ब्लेयर का सैनिकों को मदद का भरोसा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लयेर कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में तैनात ब्रिटिश कमांडरों को तालेबान के ख़िलाफ़ लड़ाई के लिए जो भी अतिरिक्त सहायता चाहिए, उन्हें उपलब्ध कराई जाएगी. ब्लेयर ने अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान के ख़िलाफ़ 2001 में हुई लड़ाई के पाँच साल पूरे होने के मौक़े पर ब्रिटेश फ़ोर्सेज़ ब्रॉडकास्टिंग सर्विस को दिए एक इंटरव्यू में यह बात कही है. यह इंटरव्यू दुनिया भर में तैनात ब्रितानी सैनिकों के लिए प्रसारित किया जाएगा. ग़ौरतलब है कि अमरीका में 11 सितंबर 2001 के हमलों के बाद सात अक्तूबर को अमरीकी नेतृत्व वाले विदेशी गठबंधन ने अफ़ग़ानिस्तान पर हमला किया था. वहाँ उस समय तालेबान की सरकार थी. ब्लेयर ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में सुरक्षा का माहौल बनाने के लिए ब्रितानी सैनिक असाधारण ड्यूटी निभा रहे हैं. बीबीसी के राजनीतिक मामलों के संवाददाता माइक सर्जेंट के अनुसार सरकार के आलोचकों का कहना है कि अफ़ग़ानिस्तान में ब्रितानी मिशन सही अनुमान और रणनीति के साथ नहीं शुरू हुआ. तालेबान के साथ लड़ाई की तीव्रता और गहराई कुछ लोगों को अचरज में डाल सकती है लेकिन टोनी ब्लेयर का दावा है कि उन्हें हमेशा जानकारी थी कि यह होने वाला है. अपने इंटरव्यू में ब्लेयर ने ब्रितानी सैनिकों के साहस की ख़ूब सराहना की है और कहा है कि सैनिकों का मिशन बेहद अहम है. ब्लेयर ने कहा, "हमारी सेनाएँ वहाँ बहुत असाधारण काम कर रही हैं, इतना असाधारण और बहादुरी वाला काम कि देश को उस पर बहुत गर्व हो." टोनी ब्लेयर ने कहा, "हमारे सैनिक जो कुछ भी कर रहे हैं, वह बहुत ज़रूरी है. चूँकि तालेबान उनके ख़िलाफ़ गंभीर लड़ाई कर रहे हैं इसलिए हमारे सैनिकों को भी गंभीर लड़ाई करनी पड़ रही है. और चूँकि तालेबान ब्रितानी सैनिकों के ख़िलाफ़ लड़ रहे हैं और हमारे सैनिक बहुत ही असाधारण तरीके से लड़ रहे हैं इसलिए हम लड़ाई जीत रहे हैं." टोनी ब्लेयर ने भरोसा दिलाते हुए कहा कि अगर कमांडर और ज़्यादा हेलीकॉप्टर और बख़्तरबंद गाड़ियाँ के लिए अनुरोध करेंगे तो वे भी मुहैया कराए जाएंगे. इस तरह के भी संकेत मिले हैं कि सैनिकों को वित्तीय बोनस दिया जा सकता है. प्रधानमंत्री का कहना है कि ब्रितानी सैनिकों का हौसला काफ़ी बुलंद है और उन्होंने इन ख़बरों का खंडन किया कि सकार ज़मीनी स्थिति को छुपाने की कोशिश कर रही है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'पाकिस्तान को और प्रयास की ज़रूरत'06 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस पूरा अफ़ग़ानिस्तान अब नैटो के हवाले05 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस काबुल में आत्मघाती हमला, 12 की मौत30 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'अफ़ग़ानिस्तान में नैटो का विस्तार सही'29 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस अफ़ग़ानिस्तान में हमलों में तेज़ी28 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस करज़ई ने अमरीकी नीति को सही ठहराया27 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'चालीस तालेबान लड़ाके मारे गए'24 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस मुशर्रफ़-करज़ई में फिर आरोप-प्रत्यारोप21 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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