|
अफ़ग़ानिस्तान में हमलों में तेज़ी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी सेना ने कहा है कि पाकिस्तान की सीमा से लगने वाले इलाक़े में अमरीकी नेतृत्व वाली सेनाओं और अफ़ग़ानिस्तान के सैनिकों पर हाल के दिनों में चरमपंथी हमलों में तेज़ी आई है. अधिकारियों का कहना है कि हमलों में यह तेज़ी ऐसे हालात में आई है जबकि पाकिस्तानी क्षेत्र में हाल के दिनों में एक शांति समझौता हुआ था जिसका उद्देश्य हिंसा को रोकना था. अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी सेना के प्रवक्ता कर्नल जॉन पैराडिस ने कहा है कि देश के पूर्वी प्रांतों पक्तिका और ख़ोस्त के ख़ासतौर से पहाड़ी इलाक़ों में विद्रोही गतिविधियों में महत्वपूर्ण तेज़ी आई है. प्रवक्ता कर्नल जॉन पैराडिस ने कहा कि कुछ इलाक़ों में हमलों में दो गुना तेज़ी आई है और कुछ ऐसे इलाक़े भी हैं जहाँ हमलों में तीन गुना बढ़ोत्तरी हुई है. संवाददाताओं का कहना है कि अमरीकी और अफ़ग़ान अधिकारी पाकिस्तान में क़बायली नेताओं के साथ हुए समझौते को लेकर सशंकित हैं और इस समझौते के मामले में अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान के बीच संबंधों में खटास आई है वह समझौता पाकिस्तान के उत्तरी वज़ीरिस्तान क्षेत्र में तालेबान समर्थक ताक़तों और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के बीच दो साल से चली आ रही लड़ाई को रोकने के लिए किया गया था. नाराज़गी अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी सेना का यह बयान ऐसे समय में आया है जब एक दिन पहले ही अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ और अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई से रात्रिभोज पर मुलाक़ात की थी. परवेज़ मुशर्रफ़ और हामिद करज़ई में सीमावर्ती इलाक़ों में सक्रिय तालेबान से निपटने के तरीक़ों को लेकर तनाव चल रहा है. इस बीच दोनों के बीच तीखी बयानबाज़ी भी होती रही है.
नाराज़गी इतनी है कि जॉर्ज बुश के यहाँ दावत के दौरान भी परवेज़ मुशर्रफ़ और हामिद करज़ई ने आपस में हाथ नहीं मिलाया. तीनों नेताओं की मुलाक़ात और बातचीत के बाद व्हाइट हाउस ने जो एक संक्षिप्त वक्तव्य जारी किया था उसमें कहा गया था कि नेताओं में इस बात पर सहमति हुई है कि वे लचीला रुख़ अपनाएंगे और ख़ुफ़िया सूचनाओं के आदान-प्रदान के ज़रिए अतिवाद का मुक़ाबला करेंगे और चरमपंथियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई में ज़्यादा सहयोग करेंगे. उधर पाकिस्तानी राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने ब्रितानी रक्षा मंत्रालय के उस लीक हुए दस्तावेज़ पर क्रोधित प्रतिक्रिया व्यक्त की है जिसमं कहा गया है कि पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई देश में धार्मिक संगठनों की मदद करके अप्रत्यक्ष रूप से आतंकवाद की मदद कर रही है. बीबीसी के न्यूज़नाइट कार्यक्रम में बुधवार को राष्ट्रपति मुशर्रफ़ से जब ये पूछा गया कि रक्षा मंत्रालय के कथित विश्वलेषण के अनुसार आईएसआई आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है तो जनरल मुशर्रफ़ का जवाब था, "आईएसआई एक अनुशासित संगठन है और पिछले 27 सालो से उसने वही किया है जो सरकार ने उससे करने को कहा." | इससे जुड़ी ख़बरें न्यूज़नाइट में मुशर्रफ़ का इंटरव्यू28 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस मुशर्रफ़ ने आईएसआई की हिमायत की28 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस मुशर्रफ़-करज़ई में फिर आरोप-प्रत्यारोप21 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस करजई और बुश ने चरमपंथ पर चर्चा की26 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस मुशर्रफ़ की किताब का विमोचन25 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस घुसपैठ रोकने के लिए मदद का वादा06 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस प्रशिक्षण शिविरों से करज़ई चिंतित02 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||