BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
शुक्रवार, 25 अगस्त, 2006 को 15:54 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
जीत की ललक में जान देते पर्वतारोही
एवरेस्ट
दुनिया की सबसे ऊँची चोटी पर पहुँचने की कोशिश में 186 लोग जान से हाथ धो चुके हैं
एडमंड हिलेरी और तेनजिंग नोर्गे ने 53 वर्ष पहले पहली बार एवरेस्ट की सफल चढ़ाई की थी.

तब से अब तक सैकड़ों लोग संसार की इस सबसे ऊँची चोटी पर चढ़ने का सफल-असफल प्रयास करते रहे हैं.

हर साल जहाँ कई लोग इस चोटी पर अपनी सफलता का झंडा गाड़ पाते हैं वहीं कई दूसरे लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ता है.

चढ़ाई के बेहतर उपकरण और स्थायी रास्ते खोज लिए जाने के बाद चढ़ाई के दौरान होने वाली मौतों में कमी आने की उम्मीद थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ.

अब भी प्रत्येक दस सफल चढ़ाई पर एक मौत की दर पिछले कई वर्षों से कायम है. केवल 2006 में अब तक पंद्रह लोग अपनी जान गँवा चुके हैं.

यूँ तो ज्यादातर मौतें चोट खाने और थकान की वजह से होती हैं लेकिन उँचाई से संबंधित बीमारियों से होने वाली मौतों की संख्या भी बहुत ज्यादा है.

मरने वालों में ज्यादातर तादाद उन अनुभवहीन लोगों की होती है जो भारी रकम खर्च करके एवरेस्ट को जीतने का प्रयास करते हैं.

वहाँ के कठोर वातावरण से निपटने की पूरी तैयारी के बावजूद ऊंचाई पर होने वाली समस्याओं के बारे पूरी जानकारी नहीं होती.

समस्या यह है कि 8,300 मीटर की उँचाई पर स्थित कैंप 3 के ऊपर चढ़ने का अनुभव आप एवरेस्ट पर चढ़े बिना हासिल भी नहीं कर सकते.

चढ़ने वालों को प्रायः यह पता नहीं होता कि 8,300 मीटर की चढ़ाई के बाद उनकी हालत क्या होगी.

अधिक ऊँचाई पर होने वाली दो प्रमुख बीमारियाँ हैं- हाई एल्टीट्यूड सेरेब्रल ओइंडेमा और हाई एल्टीट्यूड पुल्मोनरी ओइंडेमा.

अब पर्वतारोही इस बात का अध्ययन कर रहे हैं कि किस तरह एवरेस्ट तक पहुँचने की कोशिश करने वालों को दुनिया से विदा होने से रोका जाए.

इससे जुड़ी ख़बरें
संगीत ने छुई नई ऊँचाइयाँ
03 नवंबर, 2005 | मनोरंजन
एवरेस्ट की ऊँचाई पर शादी रचाई
03 जून, 2005 | भारत और पड़ोस
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>