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9/11 के ऑडियो टेप जारी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ग्यारह सितंबर 2001 को वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए हमले के बाद जो इमर्जेंसी टेलीफ़ोन कॉल किए गए थे उनका ब्यौरा और ऑडियो टेप जारी किया गया है. ये टेप न्यूयॉर्क टाइम्स अख़बार की ओर से दायर किए गए मुक़दमे के बाद जारी किए गए हैं, अख़बार ने सूचना के अधिकार के तहत इन टेपों को जारी करने की माँग की थी लेकिन न्यूयॉर्क नगर प्रशासन ने ऐसा करने से इनकार कर दिया था तब अख़बार ने अदालत का दरवाज़ा खटखटाया था. इसमें इमारत की 83वीं मंज़िल पर फँसी एक महिला की आवाज़ भी शामिल है जो ये बताती हैं कि उन्हें साँस लेने में बहुत तकलीफ़ हो रही है. ये सारे फ़ोन कॉल न्यूयॉर्क फायर ब्रिगेड को किए गए थे और इस टेप को सुनकर हमले में मारे गए लोगों के कई परिवारजनों की आँखें गीली हो गईं. इस टेप में आग और धुएँ के बीच फँसी महिला इमर्जेंसी सर्विस की ऑपरेटर से कहती हैं कि वह फ़ोन न रखे और उनकी जान बचाने की कोशिश करे. इस टेप में दस आम लोगों की आवाज़ें हैं, फ़ोन करने वाले लोगों की निजी जिंदगी का सम्मान करते हुए एडिट करके उनमें से व्यक्तिगत बातें निकाल दी गई हैं. इन टेपों के जारी होने के बाद लोग यह जानना चाहते हैं कि क्या टेलीफ़ोन ऑपरेटरों ने इमारत में फँसे लोगों के साथ सही व्यवहार किया था और उन्हें ठीक निर्देश दिए थे या नहीं. इनमें से कुछ टेप पहले ही ग्यारह सितंबर के हमलों के एक अभियुक्त ज़कारियास मुसावी के ख़िलाफ़ चले मुक़दमे में सबूत के तौर पर इस्तेमाल किए जा चुके हैं. इससे पहले मार्च महीने में न्यूयॉर्क नगर प्रशासन ने 130 टेलीफ़ोन कॉलों की जानकारी जारी की थी लेकिन उनकी आवाज़ का ऑडियो सार्वजनिक नहीं किया गया था, सिर्फ़ टेलीफ़ोन ऑपरेटरों की आवाज़ सुनाई गई थी. | इससे जुड़ी ख़बरें हादसे की बरसी पर समारोह 12 सितंबर, 2003 | पहला पन्ना मुसावी को आजन्म कारावास की सज़ा03 मई, 2006 | पहला पन्ना 9/11 हमलों का टेलीफ़ोन कॉल विवरण01 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना 9/11 हमलों की बरसी पर प्रार्थना सभा11 सितंबर, 2005 | पहला पन्ना '9/11 के हमलावर 2000 में पहचाने गए थे'10 अगस्त, 2005 | पहला पन्ना उबरे नहीं हैं फ़ायर ब्रिगेड वाले10 सितंबर, 2003 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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