|
सुनामी में मरने वालों की संख्या 520 हुई | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इंडोनेशिया में सोमवार को आए भूकंप और उसके बाद उठी सूनामी लहरों के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 520 हो गई है. इंडोनेशिया में जावा के तट पर आई सुनामी में मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. दो सौ से ज़्यादा लोग अब भी लापता हैं. बुधवार को जब दोबारा सुनामी आने की अफ़वाहें फैलीं तो सैकड़ों लोग तट से परे भागने लगे. सोमवार को आई सुनामी से इंडोनेशिया का लगभग दो सौ किलोमीटर का तटवर्ती क्षेत्र प्रभावित हुआ. इंडोनेशिया आचे प्रांत से शुरुआत कर, सुनामी चेतावनी प्रणाली लगाने की कोशिश कर रहा है. आचे प्रांत में वर्ष 2004 में आई सुनामी से बड़े पैमाने पर तबाही हुई थी और लगभग दो लाख लोग मारे गए थे. सवाल उठने लगे इस बार इतनी बड़ी संख्या में लोगों के मारे जाने के बाद सवाल उठाए जा रहे हैं कि इस आपदा से पहले कोई चेतावनी जारी क्यों नहीं की गई. सरकारी अधिकारियों का कहना है कि उन्हें चेतावनी तो मिली थी कि भूकंप के बाद जावा टापू में सुनामी आने का ख़तरा है. लेकिन उनका कहना है कि तटवर्ती इलाक़ों तक ये चेतावनी पहुँचा नहीं पाए. प्रभावित इलाक़े में राहत और बचाव कार्य जारी है. इंडोनेशिया की सेना और पुलिसकर्मी इलाक़े में हैं. दो महीने पहले ही जावा के योग्यकर्ता शहर में आए भूकंप में छह हज़ार से ज़्यादा लोग मारे गए थे. ज़बरदस्त भूकंप सोमवार को इंडोनेशिया के जावा प्रांत में जो भूकंप आया था उसकी तीव्रता रिएक्टर पैमाने पर 7.7 मापी गई. क़रीब एक मिनट से भी ज़्यादा समय तक भूकंप के झटके महसूस किए गए. भूकंप के कारण समुद्र में दो मीटर की ऊँचाई तक सूनामी लहरें उठीं. जावा की इस घटना के बाद भारत के अंडमान निकोबार द्वीप समूह में अलर्ट घोषित कर दिया गया था और गृह मंत्रालय का नियंत्रण कक्ष सूनामी पर नज़र रखे हुए है. | इससे जुड़ी ख़बरें कुछ इलाक़ों में सहायता पहुँचने में मुश्किलें31 मई, 2006 | पहला पन्ना भूकंप पीड़ितों तक सहायता पहुँचनी शुरु30 मई, 2006 | पहला पन्ना राहत कार्य बड़ी चुनौती-संयुक्त राष्ट्र29 मई, 2006 | पहला पन्ना बारिश ने बढ़ाई भूकंप पीड़ितों की दिक्कतें29 मई, 2006 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||