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लंदन धमाकों की बरसी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लंदन बम धमाकों की पहली बरसी पर ब्रिटेन के लोगों ने आज स्थानीय समय के मुताबिक़ ठीक बारह बजे दो मिनट का मौन रखकर मृतकों को श्रद्धांजलि दी. गुरूवार, सात जुलाई 2005 को हुए धमाकों में 52 लोग मारे गए थे और लगभग 700 घायल हुए थे. धमाके तीन भूमिगत रेलगाड़ियों और एक बस में हुए थे. लंदन में ठीक बारह बजे लोग जहाँ भी थे, रुक गए और सिर झुकाकर दो मिनट का मौन रखा. जिस समय ये धमाके हुए थे ठीक उसी समय लंदन के सेंट पॉल कैथेड्रल की घंटियां बजीं और मौन रखा गया. लंदन के मेयर केन लिविंग्सटन ने किंग्सक्रॉस स्टेशन के पास श्रद्धांजलि देने के लिए 0850 बजे (ब्रितानी समय) पर फूल चढ़ाए. उसी समय तीन भूमिगत रेलगाड़ियों में धमाका हुआ था. बस में 0947 बजे (ब्रितानी समय) बस में टेविस्टॉक धमाका हुआ था. उसी समय लिविंग्सटन ने बस नंबर 30 के ड्राइवर जॉर्ज सरादसिक के साथ टेविस्टॉक स्क्वायर पर फूल चढ़ाकर श्रद्धांजलि अर्पित की.
ये कार्यक्रम ऐसे समय में हो रहे हैं मैट्रोपोलिटन पुलिस के प्रमुख सर इयन ब्लेयर ने चेतावनी देते हुए कहा है कि लंदन में और हमला हो सकता है. ब्लेयर ने बीबीसी से कहा, "मैं जानता हूँ कि और भी हमले हो सकते हैं. लेकिन क्या हम उन्हें रोक पाएंगे, तो मैं कहूँगा कि हम पहले ही तीम हमले रोक चुके हैं." उधर लंदन धमाकों की जांच कर रहे एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी वेस्ट यॉर्कशायर फोर्स के मुख्य कांस्टेबल कोलिन क्रैंपहॉर्न ने भी कहा है कि इस बात के सबूत हैं कि "आने वाले दिनों में हमला होने की काफी संभावना है." क्रैंपहॉर्न की चेतावनी ऐसे समय में आई है जब लंदन धमाकों से जुड़े शहज़ाद तनवीर का एक वीडियो अल जज़ीरा टेलीविज़न पर प्रसारित किया गया है. इस वीडियो में तनवीर को और हमलों की चेतावनी देते हुए दिखाया गया है. पुलिस का कहना है कि यह वीडियो जानबूझकर ऐसे समय में लाया गया है ताकि लोगों को और दुख पहुंचे. कार्यक्रम शुक्रवार को ब्रिटेन के संस्कृति, मीडिया और खेल विभाग के सौजन्य से धमाकों की बरसी पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं.
इन कार्यक्रमों में उन लोगों को याद किया जा रहा है जो इन धमाकों में मारे गए थे. लंदन के मेयर केन लिविंगस्टोन ने बीबीसी से बातचीत में कहा है कि यह मौक़ा उन लोगों को याद करने का है जिनका जीवन इन धमाकों ने प्रभावित किया है. यह मौका लंदन के अद्भुत चरित्र पर भी गर्व करने का है जिसके कारण ऐसे ख़तरनाक समय में भो लोग शांत रहे और हमलावर लंदन के लोगों का मनोबल तोड़ नहीं पाए. | इससे जुड़ी ख़बरें सात जुलाई 2005 ने क्या-क्या दिखाया?06 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना हुसैन परिवार अब भी सकते में है06 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना बस प्रार्थना करने लगा कि...06 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना 'मुझे काम पर जाना है' लेकिन क्यों?06 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना यक़ीन नहीं आ रहा था...06 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना कोई 'सीरियस इंसीडेंट' हुआ है...06 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना फ़ौरन रास्ते बंद कर दिए गए...06 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना दुनिया कितनी छोटी हो गई है...06 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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