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इंडोनेशिया में बाढ़, भूस्खलन से 200 मरे | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इंडोनेशिया के दक्षिणी सुलावेसी प्रांत में अचानक आई बाढ़ और उसके बाद हुए भूस्खलन में मरने वालों की संख्या 200 तक पहुंच गई है. राहत मामले में जुड़े अधिकारियों का कहना है कि मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है. अभी भी 120 से अधिक लोग लापता हैं और अधिकारियों का मानना है कि कई लोग बह कर समुद्र में चले गए हैं. इंडोनेशिया के कुछ इलाक़ों में अक्सर तेज़ बारिश होती है जिसके बाद बाढ़ आना और भूस्खलन सामान्य घटना है. दक्षिणी सुलावेसी प्रांत के सात ज़िले बाढ़ से प्रभावित हैं जिसमें से सबसे बुरी तरह प्रभावित सिनजाई ज़िला है जहां मरने वालों की संख्या 175 बताई जाती है. सिनजाई के अस्पताल में एक व्यक्ति ने संवाद समिति एपी को बताया कि वो बाढ़ में बहकर समुद्र में चला गया था. इंडोनेशिया रेड क्रास के सुलावेसी प्रांत के प्रमुख रहमान बांडो का कहना है कि अभी भी कई इलाक़े ऐसे हैं जहां राहत अधिकारी पहुंच नहीं पाए हैं. उन्होंने रायटर्स से कहा " कई पुल और सड़कें टूट गई हैं. परिवहन का कोई साधन ही नहीं है. " राहतकर्मी मोर्सन बुआना ने संवाददाताओं को बताया कि इलाक़े में डायरिया और चर्म रोगों की शिकायतें आनी शुरु हो गई हैं. उन्होंने कहा " सफाई बड़ी समस्या है. लोग टॉयलेट का इस्तेमाल नहीं कर सकते क्योंकि पानी की सारी आपूर्ति बाधित हो चुकी है." जनवरी महीने में जावा प्रायद्वीप में दो दो भूस्खलन में 120 लोग मारे गए हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें इंडोनेशिया में भूस्खलन, 200 लोग मारे गए04 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना बारिश ने बढ़ाई भूकंप पीड़ितों की दिक्कतें29 मई, 2006 | पहला पन्ना खुले आसमान के नीचे रात बिताने को मजबूर हैं लोग28 मई, 2006 | पहला पन्ना माउंट मेरापी ज्वालामुखी फिर सक्रिय08 जून, 2006 | पहला पन्ना राहत सामग्री पहुँचाने के प्रयास तेज़30 मार्च, 2005 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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