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इंडोनेशिया में भूस्खलन, 200 लोग मारे गए | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इंडोनेशिया में अधिकारियों का कहना है कि मध्य जावा में बुधवार तड़के हुए भूस्खलन से कम से कम 200 लोग मारे गए हैं. भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन से एक ही गाँव में लगभग सौ घर मिट्टी में दब गए. आशंका है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है. भूस्खलन सिजेरुक नामक गाँव में हुआ जो राजधानी जकार्ता से 350 मील पूर्व में स्थित है. अधिकारियों के अनुसार 12 लोगों को ही बचाया जा सका. अधिकारियों के मुताबिक़ अब तक 14 शव बरामद हुए हैं. जिंदा बचे लोगों को ढूँढने के लिए भारी उपकरण भेजे गए हैं. इस सप्ताह के शुरु में पूर्वी जावा में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से लगभग 60 लोगों की मौत हो गई थी. लापता मध्य जावा में जब भूस्खलन हुआ, उस वक़्त पुलिस और राहतकर्मी पूर्वी जावा में लोगों को बचाने में लगे थे. पूर्वी जावा में कई लोग अब भी लापता हैं. राजधानी जकार्ता से 500 मील पूर्व में इस हफ़्ते की भारी बारिश के बाद हज़ारों लोग बेघर हो गए हैं. इंडोनेशिया में नवंबर और मार्च के बीच अक्सर बाढ़ और भूस्खलन होता है. पर्यावरणविद कहते है कि हाल के वर्षों में जंगलों को काटने से भीषण बारिश के दौरान धरती की पानी को जज़्ब करने की क्षमता घट गई है और पहाड़ियों में भूस्खलन हो जाता है. | इससे जुड़ी ख़बरें बाग़ी सैनिक बैरकों में लौटेंगे27 जुलाई, 2003 | पहला पन्ना कठिन है अरोयो की डगर26 जुलाई, 2003 | पहला पन्ना फ़िलीपीन्स में मस्जिदों पर हमला03 अप्रैल, 2003 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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