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कंडोम का सीमित इस्तेमाल हो: कार्डिनल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रोमन कैथोलिक चर्च के एक जाने माने कार्डिनल ने विवाहित दंपत्ति में एड्स के फैलाव को रोकने के लिए कंडोम के इस्तेमाल की हिमायत की है. कार्डिनल कार्लो मारिया मार्टिनी ने कहा कि अगर दंपत्ति में एक को एड्स है जो कि दूसरे को हो सकता है तो ऐसी स्थिति में कंडोम का इस्तेमाल " पाप" नहीं है. हालांकि वैटिकन हमेशा से कहता रहा है कि कंडोम का इस्तेमाल किसी सूरत में नहीं किया जाना चाहिए चाहे वो विवाहित दंपत्ति के बीच एड्स फैलने से रोकने के उद्देश्य से ही क्यों न हो. चर्च के अनुसार सेक्स से बचना ही एड्स से बचने का सबसे बड़ा उपाय है. मिलान के आर्चबिशप रहे कार्डिनल मार्टिनी ने इटली की साप्ताहिक पत्रिका ल एसप्रेसो से एक भेंटवार्ता में यह बात कही . इंटरव्यू में उन्होंने कहा है कि एड्स से तीस लाख से अधिक लोग मर रहे हैं और इससे बचने के लिए हरसंभव उपाय किए जाने चाहिए. वैटिकन ने इन टिप्पणियों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. कार्डिनल मार्टिनी ने इंटरव्यू में यह भी कहा है कि जो महिलाएं अकेले रहती हैं उन्हें अनाथ बच्चों को गोद लेना चाहिए. रोम में बीबीसी संवाददाता डेविड विली का कहना है कि चर्च में अब इस तरह के मुद्दों पर बहुत चर्चा हो रही है. | इससे जुड़ी ख़बरें कंडोम से नहीं रुकता एड्स-वेटिकन09 अक्तूबर, 2003 को | पहला पन्ना एशिया में कंडोम की किल्लत19 अगस्त, 2003 | विज्ञान महिला कंडोम से चूड़ियाँ बनाईं10 फ़रवरी, 2005 | पहला पन्ना भारत में कंडोम से बन रही हैं साड़ियाँ09 मई, 2005 | भारत और पड़ोस विश्व कप के दौरान मुफ़्त कंडोम11 जून, 2005 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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