BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
गुरुवार, 09 अक्तूबर, 2003 को 18:07 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
कंडोम से नहीं रुकता एड्स-वेटिकन
कंडोम को आसान एवं सुरक्षित माना जाता है
वेटिकन गर्भ निरोधकों के भी विरोध में रहा है

कैथोलिक चर्चों पर आरोप हैं कि वो एचआईवी से पीड़ित देशों में बता रहे हैं कि कंडोम से एड्स को नहीं रोका जा सकता.

बीबीसी के एक कार्यक्रम में यह दावा किया गया है.

'सेक्स एंड द होली सिटी' नाम के इस कार्यक्रम का प्रसारण रविवार को होना है.

इस कार्यक्रम के मुताबिक़ चार महाद्वीपों में कार्डिनल, बिशप, पादरी और नन बता रही हैं कि एचआईवी के वायरस कंडोम के छिद्रों से पार हो जाते हैं.

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसकी निंदा की है और कहा है कि वेटिकन लोगों की जान ख़तरे में डाल रही है.

यह दावा उस रिपोर्ट के एक दिन के बाद ही आया है जिसमें कहा गया है कि दुनिया में हर 14 सेकंड में एक युवक एचआईवी का शिकार होता है.

कंडोम पर चर्च की राय

दुनिया भर के चिकित्सा विशेषज्ञ लोगों को सलाह दे रहे हैं कि एचआईवी और दूसरे यौनजनित बीमारियों से बचने के लिए कंडोम का उपयोग करना चाहिए.

कैथोलिक चर्च शुरु से ही ऐसी किसी अपील का समर्थन करने को तैयार नहीं है.

 लेटेक्स से कुछ पार नहीं होता इसलिए यह एचआईवी वायरस को पार होने से रोकता

यूएन एड्स

लेकिन इस कार्यक्रम का कहना है कि अब चर्च कह रहा है कि कंडोम काम ही नहीं करता.

एक साक्षात्कार में वेटिकन के सबसे वरिष्ठ कार्डिनल अल्फ़ांसो लोपेज ट्रूजिलो का कहना है कि एचआईवी वायरस तो कंडोम के पार चला जाता है.

उनका तर्क है कि एचआईवी वायरस 'स्पर्माटोज़ून' से कोई 450 गुना छोटा होता है और कंडोम में जो छिद्र होते हैं उनसे 'स्पर्माटोज़ून' पार चला जाता है.

जबकि नैरोबी के आर्चबिशप राफ़ेल एनडिंगी एनज़ेकी ने इस कार्यक्रम में कहा है कि कंडोम एचआईवी को फैलने से नहीं रोक रहा है.

एड्स कार्यक्रम से जुड़े लोगों ने बताया है कि वे लोगों को इसलिए कंडोम नहीं बाँट रहे हैं क्योंकि कैथोलिक चर्च इसका विरोध कर रहे हैं.

जबकि यूएनएड्स के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार कैथरीन हैंकिंस का कहना है, ''लेटेक्स से कुछ पार नहीं होता इसलिए यह एचआईवी वायरस को पार होने से रोकता है.''

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी चर्च की इस मुहिम की निंदा की है.

एड्स से अब तक दो करोड़ लोगों की मौत हो चुकी है और चार करोड़ बीस लाख लोग इससे अभी भी पीड़ित हैं.

इससे जुड़ी ख़बरें
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>