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'अवैध मारक दस्ते, सरकार का हाथ नहीं' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ी गृह मंत्री बेयान जबार ने इन आरोपों से इनकार किया है कि उनके मंत्रालय का संबंध सुन्नियों पर हमले करने वाले शिया गुटों से है. उन्होंने स्वीकार किया है कि इराक़ में मारक दस्ते सक्रिय हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि सरकार से इनके कोई संबंध नहीं हैं. बीबीसी को साक्षात्कार में जबार ने माना कि हमलों में शामिल कुछ चरमपंथी पुलिस वर्दी पहने पाए गए हैं. उन्होंने कहा, "आतंकवादी या आतंकवादियों को समर्थन देने वाले लोग पुलिस और सेना की वर्दी का इस्तेमाल कर रहे हैं." जबार ने कहा, "आप दुकान से ऐसी वर्दियाँ ख़रीद सकते हैं." उन्होंने ज़ोर दिया कि सशस्त्र गुटों में से ज़्यादातर बड़ी संख्या में खुल रही इराक़ी सुरक्षा कंपनियों से संबद्ध हैं. आरोप उल्लेखनीय है कि सरकारी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए भी ऐसी कंपनियों की सेवाएँ ली जाती हैं. इराक़ में समारा में एक शिया धार्मिक केंद्र पर हमले के बाद से सांप्रदायिक तनाव बहुत बढ़ गया है. सुन्नियों का आरोप है कि उनके समुदाय पर होने वाले हमलों में शिया सुरक्षा बलों की मिलीभगत होती है. अमरीकी सेना के सूत्रों का कहना है कि अकेले मार्च महीने में 1300 आम नागरिक सांप्रदायिक हिंसा की भेंट चढ़े हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें इराक़ सरकार ने मुबारक की निंदा की09 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना मुबारक ने गृहयुद्ध की चेतावनी दी08 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना इराक़ी पुलिस: क्या हैं चुनौतियाँ07 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना 'बग़दाद की सड़कों पर ख़तरा है'07 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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