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अमरीका का समर्थन लेंगे: ओल्मर्ट | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइल के कार्यवाहक प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट ने कहा है कि वह इसराइल की स्थायी सीमाएँ तय करने के लिए अमरीका और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से समर्थन माँगेंगे. इसराइल में चुनावों से दो दिन पहले इस महत्वपूर्ण घोषणा में ओल्मर्ट ने कहा पहले इसराइलियों के बीच इस मुद्दे पर सहमति बनाने की ज़रूरत है. उल्लेखनीय है कि देश की स्थायी सीमाएँ तय करने की योजना ओल्मर्ट के चुनाव प्रचार के केंद्र में रही है. बीते दिनों में वह पश्चिम तट में बनाई गई दीवार को सीमा में तब्दील करने की बात कर चुके हैं. इस दीवार का कुछ हिस्सा इसराइली क़ब्ज़े वाले फ़लस्तीनी क्षेत्र में भी है. इसराइली रेडियो को इंटरव्यू में ओल्मर्ट ने कहा, "हमें अपनी सीमाओं पर विचार करना चाहिए ताकि हम फ़लस्तीनियों से अलग हो सकें." अमरीका पर भरोसा ओल्मर्ट ने कहा, "हमें इस मुद्दे पर पहले आपसी सहमति बनानी चाहिए और फिर अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ बातचीत करनी चाहिए." ओल्मर्ट ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि अमरीका और अन्य देश स्थायी सीमा के बारे में उनकी दलीलों पर गंभीरता से ध्यान देंगे. इसी महीने एक बयान में ओल्मर्ट कह चुके हैं कि उनकी कदिमा पार्टी के सत्ता में आने की स्थिति में वो चार साल के भीतर इसराइल की स्थायी सीमाएँ तय कर देंगे. फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास ने आगाह किया है कि सीमाएँ तय करने की कोई भी एकतरफ़ा घोषणा शांति नहीं ला सकती. उन्होंने कहा कि अंतिम तौर पर सीमाएँ बातचीत के ज़रिए ही तय की जानी चाहिए. | इससे जुड़ी ख़बरें फ़तह नहीं शामिल होगा हमास की सरकार में17 मार्च, 2006 | पहला पन्ना जेरिको बंदियों से पूछताछ15 मार्च, 2006 | पहला पन्ना इसराइल ने फ़लस्तीनी चरमपंथी पकड़ा14 मार्च, 2006 | पहला पन्ना पश्चिमी तट से बस्तियाँ हट सकती हैं05 मार्च, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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