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शुक्रवार, 03 मार्च, 2006 को 04:02 GMT तक के समाचार
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रूस का हमास को बदलाव का सुझाव
हमास नेताओं के साथ रूसी रक्षा मंत्री
हमास नेता ख़ालिद मशाल ने रूसी मंत्री सर्गेई लवरोफ़ से कहा कि वे रूस से निकटता चाहते हैं
रूस सरकार ने फ़लस्तीनी चरमपंथी गुट हमास को चेतवनी दी है कि अगर वो अपना भविष्य बनाना चाहता है तो उसे अपने आपको बदलना होगा.

रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लवरोफ़ ने कहा है कि हमास को अगर कोई भविष्य बनाना है तो इसके लिए ज़रूरी है कि हमास अपने आप को एक राजनीतिक पार्टी के रूप में बदले और अपने सैनिक गुट को फ़लस्तीनी सुरक्षा तंत्र का हिस्सा बनाए.

सर्गेई लवरोफ़ ने मॉस्को में हमास के नेताओं के साथ बातचीत के पहले ये बात कही.

हमास और रूस के बीच शुक्रवार को मॉस्को में मुलाकात हो रही है. ये पहली बार है जब मध्य पूर्व शांति प्रक्रिया से जुड़े किसी देश से हमास बैठक कर रहा है.

फ़लस्तीनी संसदीय चुनाव जीतने के बाद हमास पहली बार मध्य पूर्व एशिया शांति वार्ता से जुड़े किसी मध्यस्थ से बात कर रहा है.

रूसी मंत्री ने हमास से ये भी कहा कि वह पूर्व फ़लस्तीनी प्रशासन और इसराइल के बीच हुए समझौतों का सम्मान करे.

रूस का ये भी कहना है कि हमास को इसराइल को मान्यता देनी चाहिए मगर हमास के नेताओं का कहना है कि ये मुद्दा चर्चा के विषयों में शामिल है ही नहीं.

अहम बैठक

रूस का कहना है कि वो इस बैठक में हमास पर हिंसा त्यागने और इसराइल को मान्यता देने के लिए दबाव डालेगा.

संवाददाताओं का कहना है कि अब तक हमास ने हिंसा छोड़ने के संकेत नहीं दिए हैं. लेकिन रूसी कूटनीतिज्ञों का कहना है कि इससे पहले भी कई कट्टरवादी गुटों ने सत्ता में आने के बाद ख़ुद में बदलाव किया है.

हमास को रूस का बातचीत का न्योता देने का फ़ैसला काफ़ी विवादित रहा है. इसराइल, अमरीका और यूरोपीय संघ हमास को चरमपंथी गुट मानते हैं.

इसराइल ने तो रूस के इस न्योता को 'पीठ में छुरा घोंपने' की संज्ञा दी है.

लेकिन हमास रूस के साथ अपनी बैठक को काफ़ी महत्वपूर्ण मानता है. वो इस बैठक को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता पाने के एक मौके के रूप में देख रहा है.

हमास ने इस साल के शुरू में चुनाव में शानदार जीत दर्ज की थी. फ़लस्तीनी चुनाव आयोग के अनुसार हमास को 132 में से 76 सीटें मिलीं

धनराशि

इस बीच अमरीका ने कहा है कि फ़लस्तीनी प्रशासन ने उस धानराशि का ज़्यादातर हिस्सा लौटा दिया है जो अमरीका ने उसे दान में दिया था.

अमरीका ने ये भी कहा है फ़लस्तीनी प्रशासन हमास की सरकार बनने से पहले बाकी पैसा भी लौटा देगा. अमरीका ने ये पैसा वापस करने के लिए कहा था.

मध्य पूर्व में अमरीका के दूत डेविड वेल्च ने अमरीकी कांग्रेस को बताया कि पाँच करोड़ डॉलर में से तीन करोड़ डॉलर लौटा दिए गए हैं.

डेविड वेल्च ने कहा कि अमरीका हमास की मदद नहीं करेगा, चाहे हमास सरकार में शामिल हो या न हो.

फ़लस्तीनी चुनाव में हमास की जीत के बाद से फ़लस्तीनियों को आर्थिक सहायता जारी रखने पर अंतरराष्ट्रीय जगत में बहस होती रही है.

यूरोपीय संघ फ़लस्तीनी लोगों की मूलभूत आवश्यकताओं के लिए 14 करोड़ डॉलर की आर्थिक सहायता देने की घोषणा कर चुका है.

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