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वेनेज़ुएला की राजनयिक को देश निकाला | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका ने वेनेज़ुएला के एक वरिष्ठ राजनयिक को देश छोड़ने का आदेश दिया है. एक दिन पहले वेनेज़ुएला ने कराकस स्थिति अमरीकी दूतावास के नौ सैनिक अधिकारी को देश छोड़ने को कहा था. अमरीकी विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता सॉन मैकॉरमैक ने कहा है कि वेनेज़ुएला के वरिष्ठ राजनयिक जेनी फ़िग्वेरेडो फ़्रियास को देश छोड़ने के लिए 72 घंटे का समय दिया है. फ़िग्वेरेडो वॉशिंगटन स्थित वेनेज़ुएला के दूतावास में चीफ़ ऑफ़ स्टॉफ़ हैं. अमरीकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अमरीका बदले की कार्रवाई में शामिल नहीं होना चाहता लेकिन वेनेज़ुएला ने इसकी शुरुआत की है. उन्होंने जेनी फ़िग्वेरेडो को देश के निकालने के बारे में कोई कारण नहीं दिया लेकिन उन्होंने इतना ज़रूर कहा कि 'उनका चयन सबसे उचित' था. एक दिन पहले ही वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति ह्यूगो शावेज़ ने कैप्टेन जॉन कुरिया को जासूसी का आरोप लगाते हुए देश छोड़ने का आदेश दिया था. अमरीका ने इन आरोपों को आधारहीन कहा था. एक बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इस फ़ैसले से पहले से ही दोनों देशों के बीच ख़राब संबंध और बिगड़ सकते हैं. अमरीका और वेनेज़ुएला के रिश्ते पहले से ही तनावपूर्ण थे. अमरीका ह्यूगो शावेज़ की वामपंथी सरकार का विरोध करता रहा है जो अमरीका की आलोचना करते रहते हैं. अमरीका ने शावेज़ के अधीन वेनेज़ुएला में लोकतंत्र की स्थिति पर चिंता व्यक्त की है. | इससे जुड़ी ख़बरें शावेज़ ने किया बुश विरोधी प्रदर्शन20 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना वेनेज़ुएला मे राष्ट्रपति शावेज़ को राहत16 अगस्त, 2004 | पहला पन्ना वेनेज़ुएला में व्यापक प्रदर्शन21 अगस्त, 2003 | पहला पन्ना वेनेज़ुएला में हिंसक प्रदर्शन04 जनवरी, 2003 | पहला पन्ना ह्यूगो शावेज़ के नए तेवर08 दिसंबरजनवरी, 2002 | पहला पन्ना शावेज़ को भारी समर्थन30 जून, 2002 | पहला पन्ना वेनेज़ुएला पर लातिन अमरीकी देशों को चिंता13 अप्रैल, 2002 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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