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सबसे कम भरोसा है अमरीका पर | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बीबीसी के एक जनमत सर्वेक्षण के मुताबिक़ दुनिया की बड़ी शक्तियों में लोगों का सबसे कम भरोसा अमरीका पर है, जबकि सबसे भरोसे मंद जापान है. 33 देशों के कोई चालीस हज़ार लोगों के बीच किए गए इस जनमत सर्वेक्षण में लोगों ने ब्रिटेन, फ़्रांस, चीन और भारत को लेकर सकारात्मक राय दी है. बीबीसी ने लगातार दूसरे साल ये सर्वेक्षण करवाया है. इससे पहले हुए सर्वेक्षण में भी अमरीका लोगों का विश्वास जीतने में असफल रहा था. इस सर्वेक्षण में लोगों से पूछा गया था कि वे विश्वशक्तियों के बारे में क्या सोचते हैं. इसमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पाँचों स्थाई सदस्यों, अमरीका, ब्रिटेन, फ़्रांस, रूस और चीन के बारे में, और इसके अलावा जापान, यूरोपीय संघ और भारत के बारे में लोगों की राय पूछी गई थी. इस बार के सर्वेक्षण में ईरान को भी शामिल किया गया था और सर्वेक्षण के मुताबिक़ उसके बारे में लोगों की राय अमरीका से भी बुरी थी. अमरीका और रुस सर्वेक्षण के नतीजे बताते हैं कि अमरीका और रूस के बारे में लोगों की राय सकारात्मक नहीं है. अमरीका और उसकी भूमिका के बारे में हर देश में लोगों की राय नकारात्मक थी. ख़ासकर पश्चिमी यूरोप, लेटिन अमरीका और मध्यपूर्व के देशों में.
लेकिन ऐसा भी नहीं है कि अमरीका के प्रशंसक ही नहीं हैं. नाइजीरिया, फ़िलीपीन्स और अफ़ग़ानिस्तान के लोगों के मन में विश्व स्तर पर अमरीका के असर को लेकर बहुत उत्सुकता थी. पोलैंड, भारत और दक्षिण अफ़्रीकी देशों में भी अमरीका का कोई बड़ा विरोध नहीं दिखाई दिया. दूसरी ओर रूस की लोकप्रियता इस बीच बहुत तेज़ी से नीचे आई है. सर्वेक्षण में भाग लेने वाले 33 देशों में से सिर्फ़ तीन देशों के लोगों ने कहा है कि वे रूस की भूमिका को सकारात्मक मानते हैं. सर्वेक्षण में भाग लेने वाले लोगों में से सिर्फ़ एक तिहाई लोगों की राय रूस के बारे में अच्छी थी. हालांकि रूसी अधिकारियों का कहना है कि विश्व मीडिया और स्वयंसेवी संगठन उनके देश की छवि को ख़राब कर रहे हैं और इसे ठीक करने के लिए उन्होंने एक टेलीविज़न चैनल भी शुरु किया है. वैसे यूरोपीय देशों के बारे में लोगों की राय सकारात्मक थी. एशिया एशिया के तीन देशों के बारे में लोगों से राय ली गई थी.
जापान पिछले साल के सर्वेक्षण की तरह इस बार भी न केवल एशिया का बल्कि दुनिया का सबसे विश्वसनीय देश रहा. हालांकि उनके पड़ोसी देशों, दक्षिण कोरिया और चीन में लोगों ने जापान को ख़ूब भला-बुरा कहा. हालांकि चीन के बारे में ज़्यादातर लोगों की राय सकारात्मक थी लेकिन उसकी साख तेज़ी से कमी आई है. पिछले बार के सर्वेक्षण की तुलना में कनाडा, फ़्रांस और भारत ज़्यादा लोगों ने चीन के बारे में नकारात्मक राय दी. भारत के प्रति लोगों की राय आमतौर पर अच्छी थी लेकिन उनमें भावावेग ज़्यादा नहीं था. इस सर्वेक्षण से एक ही बात का पता नहीं चलता कि यदि लोग किसी देश के बारे में अच्छा या बुरा सोचते हैं तो क्यों. | इससे जुड़ी ख़बरें चीन का प्रभाव ज़्यादा सकारात्मक06 मार्च, 2005 | पहला पन्ना 'अमरीका के ख़िलाफ़ ग़ुस्सा बढ़ा है'16 मार्च, 2004 | पहला पन्ना क्या कहता है अमरीकी जनमत30 मार्च, 2003 | पहला पन्ना 'वैंकूवर अच्छा, मुंबई बुरा' 06 अक्तूबर, 2002 | पहला पन्ना अमरीका विरोधी भावना बढ़ी04 दिसंबरजनवरी, 2002 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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