|
'इराक़ सरकार जेलों के प्रबंधन में अक्षम' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में बग़दाद के एक जेल से क़ैदियों के निकलने की कोशिश के बाद एक इराक़ी मंत्री ने कहा है कि सरकार जेलों का प्रबंधन करने में सक्षम नहीं है. इस घटना में नौ लोग मारे गए हैं. जेल मामलों के उप न्याय मंत्री भूशु इब्राहिम अली ने बीबीसी को बताया कि जेल के निरीक्षण के लिए ज़रूरी तकनीकी और वित्तीय संसाधान सरकार के पास नहीं है. उन्होंने कहा कि क़ैदियों के भागने की कोशिश करने की घटना सुरक्षाकर्मीयों और जेल प्रबंधक की लापरवाही के चलते हुई. बुधवार को इराक़ में बग़दाद की एक जेल से निकलने की कोशिश कर रहे कुछ क़ैदी मारे गए थे. जेल के एक अधिकारी और चार सुरक्षाकर्मियों की भी इस घटना में मौत हो गई. घटना यह घटना तब हुई जब एक क़ैदी ने एक गार्ड से राइफ़िल छीन ली और गोलियाँ चलानी शुरू कर दीं. अधिकारियों के मुताबिक संदिग्ध विद्रोही समझे जाने वाले इन बंदियों को एक इमारत से दूसरी इमारत में ले जाया जा रहा था जब यह घटना हुई. अमरीकी सैन्य अधिकारियों का कहना है कि घटना की जाँच की जा रही है. एक अधिकारी का कहना है कि इराक़ के गृह मंत्रालय के एक हिरासत केंद्र में 170 लोग बुरी हालत में पाए जाने के बाद इराक़ को एक महीने के भीतर अमरीकी मानदंड पर खरा उतरने का समय दिया गया है. इन बंदियों में कई भूख और प्रताड़ना झेल रहे थे. कहा जा रहा है कि कथित रूप से जो प्रताड़ना दी जा रही थी उसमें बिजली के झटके और नाख़ून उखाड़े जाने जैसी घटनाएँ शामिल हैं. इराक़ी जेलों की हालत पर 2003 में सद्दाम हुसैन की सरकार का तख़्ता पलटे जाने के समय से ही चिंता ज़ाहिर की जा रही है. प्रताड़ना की कई घटनाओं में तो अमरीकी सैनिकों का भी हाथ बताया जाता रहा है. | इससे जुड़ी ख़बरें इराक़ में हिंसा, 21 लोगों की मौत26 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना इराक़ में विद्रोही-पुलिस मुठभेड़26 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना इराक़ में सुन्नियों का विरोध प्रदर्शन27 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||