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इराक़ से पोलैंड के सैनिकों की वापसी टली | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पोलैंड की सरकार ने घोषणा की है कि वह एक और साल तक अपने सैनिकों को इराक़ में रखेगी. वहाँ पोलैंड के 1500 सैनिक तैनात हैं. पोलैंड के प्रधानमंत्री कैजीमिएश मालाचिंकिएविच की इस घोषणा ने पिछली सरकार की उस नीति को बदल दिया है जिसके तहत अगले कुछ हफ़्तों के भीतर इराक़ के पोलैंड के सैनिको की वापसी होनी थी. पोलैंड के रक्षा मंत्रालय के अनुसार इराक़ में तैनात उसके 1500 सैनिकों में से नौ सौ वहाँ रहेंगे और इराक़ी सैनिकों को प्रशिक्षण देंगे. एक समय पोलैंड के ढ़ाई हज़ार सैनिक इराक़ में तैनात थे. पोलैंड ने इराक़ पर अमरीका के हमले का समर्थन किया था और इसके लिए बुश प्रशासन ने कई बार पोलैंड की सराहना भी की. लेकिन बीबीसी संवाददाता का कहना है कि पोलैंड के अनेक नागरिकों का मानना है कि पोलैंड को इसके बदले में कुछ ख़ास नहीं दिया गया. इस फ़ैसले की राष्ट्रपति लेख़ कैचिन्सकि को पुष्टि करनी होगी लेकिन बीबीसी संवाददाता के अनुसार ये महज़ औपचारिकता है. प्रधानमंत्री कैजीमिएश मालाचिंकिएविच ने इसे बहुत कठिन निर्णय बताया और कहा कि उन्हें इराक़ी सरकार के पोलैंड के सानिकों को वहाँ तैनात रहने देने के अनुरोध पर विचार करना पड़ा. पोलैंड के अधिकतर राजनीतिक नेताओं का मानना है कि इराक़ में सैनिक भेजने से पोलैंड की प्रतिष्ठा बढ़ी है. | इससे जुड़ी ख़बरें "पोलैंड को गुमराह किया गया"19 मार्च, 2004 | पहला पन्ना पोलैंड ने नजफ़ की सुरक्षा कमान छोड़ी09 अगस्त, 2004 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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