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आचे विद्रोहियों ने सैन्य विभाग भंग किया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इंडोनेशिया के आचे प्रांत में अलगाववादी विद्रोहियों ने कहा है कि 26 साल के बाद औपचारिक तौर पर उन्होंने अपने सैन्य विभाग को भंग कर दिया है. ये घोषणा पश्चिमी प्रांत में विद्रोही नेताओं और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुसीलो बंबांग युद्धयोनो के बीच बातचीत के बाद की गई. 'फ़्री आचे मूवमेंट' के प्रवक्ता ने कहा कि विद्रोही इस समझौते का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. अब ये संगठन अपना राजनीतिक दल बना पाएगा लेकिन इसके लिए इंडोनेशिया की संसद को क़ानून में संशोधन करना होगा. अगस्त में दोनो पक्षों के बीच शांति समझौता हुआ था. इसके तहत उस पूरे क्षेत्र को ज़्यादा स्वायत्ता देने का वादा किया गया और वहाँ तैनात सैनिकों की संख्या में भारी कटौती की बात कही गई थी. विद्रोहियों ने इसके बदले में हथियार डाल देना स्वीकार किया था. केंद्र सरकार को 800 हथियार सौंपे जा चुके हैं. बीबीसी संवाददाता के अनुसार पिछले साल सुनामी से हुई तबाही के बाद ही ये शांति समझौता संभव हो पाया. इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुसीलो बंबांग युद्धयोनो का कहना था कि आचे का उदाहरण ये दर्शाता है कि तबाही के बीच से भी किस तरह उम्मीद की किरण नज़र आ सकती है. सुनामी के कारण वहाँ ढ़ाई लाख से ज़्यादा लोग मारे गए. | इससे जुड़ी ख़बरें इंडोनेशिया में आचे विद्रोहियों की रिहाई31 अगस्त, 2005 | पहला पन्ना सूनामी पीड़ितों की याद में आयोजन26 जून, 2005 | पहला पन्ना एमनेस्टी की वार्षिक रिपोर्ट 25 मई, 2005 | पहला पन्ना इंडोनेशिया में मृतक दो लाख बीस हज़ार25 जनवरी, 2005 | पहला पन्ना विद्रोहियों की संघर्षविराम की पेशकश13 जनवरी, 2005 | पहला पन्ना विद्रोहियों से टकराव चिंता का कारण07 जनवरी, 2005 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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