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मानवीय सहायता की प्रवृत्ति की सराहना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अपने वार्षिक क्रिसमस संदेश में ब्रिटेन की महारानी एलिज़ाबेथ द्वितीय ने सूनामी की विभीषिका और लंदन बम धमाकों जैसी आपदा की घड़ी में लोगों के सहायता के लिए आगे आने की सराहना की है. उन्होंने अपने संदेश में सूनामी आपदा के अलावा हरिकेन और भूकंप से हुई तबाही का भी प्रमुखता से उल्लेख किया. महारानी ने कहा, "इस साल ने हमें यह स्मरण कराया है कि हम ऐसी दुनिया में रह रहे हैं जो न तो आसान है और न ही सुरक्षित." उल्लेखनीय है क्रिसमस ही एक ऐसा अवसर होता है जब महारानी सरकार के विचारों के बजाय अपने व्यक्तिगत विचारों को व्यक्त करती हैं. मानवता को ख़ुद मानव जाति से मिल रही चुनौती का ज़िक्र करते हुए महारानी एलिज़ाबेथ ने कहा, "मैं कभी-कभी सोचती हूँ कि युद्ध, संघर्ष और जघन्य आतंकवाद के साथ मानवता ख़ुद अपने ख़िलाफ़ हो गई है." लंदन बम हमलों पर अफ़सोस ज़ाहिर करते हुए महारानी ने कहा, "इस क्रिसमस पर मेरी संवेदनाएँ पूरी दुनिया में ख़ास कर उन लोगों के साथ है जिनके लिए ये साल एक बुरे वक़्त की तरह रहा और जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया." | इससे जुड़ी ख़बरें महरानी एलिज़ाबेथ की नई पीढ़ी से अपील11 जुलाई, 2005 | पहला पन्ना महारानी ने ब्रितानी सैनिकों की सराहना की25 दिसंबर, 2003 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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