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डिक चेनी ने इराक़ का दौरा किया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी उपराष्ट्रपति डिक चेनी ने बिना किसी पूर्व घोषणा के इराक़ का दौरा किया है. वह अमरीकी हमले के बाद पहली बार इराक़ गए हैं. चेनी के दौरे को लेकर इतनी गोपनीय बरती गई कि समझा जाता है इराक़ी प्रधानमंत्री तक को इसकी जानकारी नहीं थी. समाचार एजेंसियों के अनुसार अमरीकी उपराष्ट्रपति ने आठ ब्लैकहॉक हेलीकॉप्टरों के समूह में राजधानी बग़दाद के ऊपर चक्कर लगाया. बाद में उन्होंने इराक़ के राष्ट्रपति जलाल तालाबानी और प्रधानमंत्री इब्राहिम जाफ़री से मुलाक़ात की. उन्होंने अमरीकी सैनिक कमांडरों के साथ भी बैठक की. चेनी इससे पहले 1991 में सीनियर बुश के प्रशासन में रक्षा मंत्री रहते हुए इराक़ गए थे. आरोपों का खंडन चेनी ने इराक़ में पिछले सप्ताह कराए गए संसदीय चुनाव पर ख़ुशी ज़ाहिर की. उन्होंने इराक़ में अमरीकी सैनिकों की उपस्थिति बनाए रखने की ज़रूरत बताते हुए कहा, "इस लड़ाई में हारने का एकमात्र तरीक़ा है यहाँ से चला जाना और यह कोई विकल्प नहीं है." इराक़ पर हमले के लिए झूठा केस बनाने के कुछ अमरीकी सीनेटरों के आरोप को ख़ारिज़ करते हुए चेनी ने कहा, "राष्ट्रपति बुश और मैं किसी राजनीतिज्ञ के यादाश्त खोने या रीढ़ की हड्डी खोने से नहीं रोक सकता, लेकिन हम उन्हें इतिहास का पुनर्लेखन करने नहीं दे सकते." चेनी अपनी पाँच दिवसीय यात्रा के दौरान अफ़ग़ानिस्तान, पाकिस्तान, मिस्र और सउदी अरब भी जाएँगे. | इससे जुड़ी ख़बरें 'ग़लती से छोड़ दिया ज़रक़ावी को'16 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना 'जानकारी भले ही ग़लत, हमला सही था'14 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना सभी बंदियों तक रेड क्रॉस की पहुँच नहीं09 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना सद्दाम के ख़िलाफ़ पहली गवाही05 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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