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क्रॉस और क्रीसेंट के बाद क्रिस्टल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इंटरनेशनल रेड क्रॉस एंड रेड क्रीसेंट मूवमेंट के एंबुलेंसों और राहतकर्मियों के लिए एक नए प्रतीक चिन्ह को स्वीकृति मिल गई है. सफेद पृष्ठभूमि में हीरे के आकार के लाल खोखले क्रिस्टल के चिन्ह को जिनीवा संधि के सदस्य देशों ने दो तिहाई मतों से मंज़ूरी दी है. इसी के साथ युद्ध और आपदा के दौरान विभिन्न देशों की रेड क्रॉस कमेटी इन तीन प्रतीक चिन्हों में से किसी का इस्तेमाल कर सकेंगी- रेड क्रॉस, रेड क्रीसेंट और रेड क्रिस्टल. इन चिन्हों को धारण करने वाले राहतकर्मियों और एंबुलेंसों को अंतरराष्ट्रीय क़ानून के तहत सुरक्षा प्राप्त होती है. माना जाता है कि इसराइल को जिनीवा संधि में शामिल करने के लिए तीसरे प्रतीक चिन्ह को अपनाने का फ़ैसला किया गया है. रेड शील्ड उल्लेखनीय है कि इसराइल रेड क्रॉस और रेड क्रीसेंट चिन्हों को अपनाने से मना करता रहा है. इसराइली एंबुलेंस और राहतकर्मी डेविड के 'रेड शील्ड' का इस्तेमाल करते हैं जिसे 1949 के जिनीवा संधि के तहत मान्यता नहीं मिली है. अब इसराइल ने अपनी सीमा से बाहर रेड क्रिस्टल के इस्तेमाल की हामी भर दी है. जिनीवा में सदस्यों देशों की बैठक की आयोजक स्विटज़रलैंड सरकार ने खेद व्यक्त किया है कि रेड क्रिस्टल चिन्ह को पूर्ण बहुमत के साथ स्वीकृति नहीं मिल पाई. उल्लेखनीय है कि अरब देश इसराइल के लिए किसी तीसरे चिन्ह के चयन का विरोध करते रहे हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें ग्वांतानामो कैदियों की स्थिति पर चिंता08 अक्तूबर, 2005 | पहला पन्ना इराक़ की स्थिति पर रेड क्रॉस चिंतित20 नवंबर, 2004 | पहला पन्ना रेड क्रॉस को सद्दाम से मिलने की अनुमति 15 फ़रवरी, 2004 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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