| ब्रिटेन में बर्ड फ़्लू का मामला सामने आया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन में बर्ड फ़्लू का एक मामला सामने आया है. हालाँकि सरकार ने कहा है कि ब्रिटेन की स्थिति अब भी बर्ड फ़्लू मुक्त देश की है. सरकारी सूत्रों ने सूरीनाम से लाए गए एक तोते के बर्ड फ़्लू से मरने की पुष्टि की है. तोते को कई अन्य पक्षियों के साथ अलग-थलग करके रखा गया था. यह 1992 के बाद ब्रिटेन में बर्ड फ़्लू का पहला मामला है. मृत तोते में बर्ड फ़्लू के एच5 वायरस पाए गए हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि क्या ये वायरस एच5एन1 प्रकार के थे जो कि एशिया में 60 लोगों की मौत का कारण बना है. एच5एन1 वायरस यूरोप में रोमानिया और ग्रीस में पहुँच चुका है. क्रोएशिया में भी एक मृत हंस में यह वायरस पाया गया है. ब्रिटेन में बर्ड फ़्लू से मृत तोता 148 तोतों और सॉफ़्ट-बिल चिड़ियों की खेप में सूरीनाम से आया था. इन्हें ताइवान से लाए गए 216 अन्य पक्षियों के साथ अलग-थलग करके रखा गया था. अब एक तोते की मौत के बाद सरकार ने अलग करके रखे गए इन सभी पक्षियों को मार डालने के आदेश दिए हैं. यूरोप के अनेक देश बर्ड फ़्लू से बचाव के प्रयासों में लगे हैं. वैज्ञानिकों के अनुसार अभी तक ऐसे सबूत नहीं मिले हैं कि बर्ड फ़्लू मनुष्यों में एक-दूसरे से फैलता है. |
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