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इंडोनेशियाई विमान दुर्घटना में 147 मरे | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इंडोनेशिया में सुमात्रा टापू के मेदान शहर में एक यात्री विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से विमान में सवार कम से कम 100 यात्रियों की मौत हो गई है. यात्रियों के अलावा 47 अन्य लोग भी मारे गए हैं क्योंकि दुर्घटनाग्रस्त विमान एक रिहाइशी इलाक़े पर गिरा था. मंडाला एयरलाइंस के बोइंग 737-200 विमान पर 117 लोग सवार थे. शहर के हवाईअड़्डे के पास दुर्घटनाग्रस्त हुआ विमान 25 साल पुराना था, लेकिन उसे 2016 तक इस्तेमाल किया जा सकता था. एयरलाइंस के प्रवक्ता ने बताया कि कम से कम छह यात्री जीवित बच गए हैं. एक यात्री ने इंडोनेशिया रोडियो को बताया, "मुझे तो विश्वास ही नहीं हो रहा था. उड़ान भरने के बाद विमान ज़ोर से हिलने लगा और फिर अचानक गिर गया." रिपोर्टों के अनुसार विमान में कई स्थानीय राजनेता भी सफ़र कर रहे थे जिसमें उत्तरी सुमात्रा के गर्वनर भी शामिल थे. जाँच इंडोनेशिया ने परिवहन मंत्री ने उसे एक बड़ा हादसा बताया है.राष्ट्रपति सुसीलो बम्बांग युधोयोनो ने दुर्घटना की जाँच के आदेश दे दिए हैं. एक स्थानीय टीवी स्टेशन ने आसपास के घरों को हुए नुक़सान की तस्वीरें दिखाई हैं. पुलिसकर्मी, चिकित्सक और दमकल दुर्घटनास्थल पर पहुँच गए थे लेकिन आग के चलते मलबे तक नहीं पहुँच पा रहे थे. इंडोनेशिया की अब तक की सबसे बड़ी विमान दुर्घटना भी 1997 में सुमात्रा में ही हुई थी. उसमें 234 लोग मारे गए थे. पिछले साल आए सूनामी तूफ़ान में भी सुमात्रा को भारी नुक़सान झेलना पड़ा था. तूफ़ान में क़रीब डेढ़ लाख लोग मारे गए थे और आठ लाख लोग बेघर हो गए थे. |
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