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मादक पदार्थों की ख़पत बढ़ीः रिपोर्ट | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र ने मादक पदार्थों पर अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कहा है कि पूरी दुनिया में अवैध मादक पदार्थों का सेवन करनेवालों की संख्या 20 करोड़ तक पहुँच गई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि ऐसे लोगों की संख्या सन् 2004 में और डेढ़ करोड़ बढ़ गई. रिपोर्ट कहती है कि अवैध मादक पदार्थों का कारोबार 320 अरब डॉलर के आस-पास है औरपूरी दुनिया के 90 प्रतिशत देशों का सकल घरेलू उत्पाद इस राशि से कम ही होता है. संयुक्त राष्ट्र के अनुसार पिछले वर्ष दुनिया में ख़रीदे-बेचे गए अफ़ीम में से 87 प्रतिशत की उपज अफ़ग़ानिस्तान में हुई. वहीं कोलंबिया में कोकीन की पैदावार में कमी आई लेकिन परू और बोलीविया में इनकी उपज बढ़ी. ख़पत संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार जिस मादक पदार्थ की सबसे अधिक ख़पत होती है वो है गांजा. अनुमानतः पूरी दुनिया में 16 करोड़ लोग गांजे का सेवन करते हैं. वहीं पूरी दुनिया में एक करोड़ 40 लाख लोग कोकीन का सेवन करते हैं जिनमें दो-तिहाई लोग अमरीकी महाद्वीपों में हैं. लेकिन उत्तर अमरीका में जहाँ कोकीन की ख़पत में कमी आती जा रही है वहीं यूरोप में इसका चलन बढ़ रहा है. अफ़ीम का इस्तेमाल करनेवालों की संख्या एक करोड़ 60 लाख है जिनमें एक करोड़ पाँच लाख लोग हेरोईन लेते हैं. रिपोर्ट में साथ ही कहा गया है कि अफ़ग़ानिस्ता से संकेत अच्छे मिल रहे हैं जहाँ इस वर्ष अफ़ीम की खेती में पिछले वर्ष के मुक़ाबले इस वर्ष काफ़ी कमी आई है. |
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