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खाड़ी देशों को अमरीकी चेतावनी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका ने दुनिया के आठ देशों को चेतावनी दी है कि अगर ये देश लोगों की तस्करी को रोकने में नाकाम रहे तो उन पर प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं. इन आठ देशों में चार अरब देश कुवैत, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और क़तर भी शामिल हैं जो आतंकवाद के ख़िलाफ़ युद्ध में अमरीका के साथ रहे हैं. दुनिया भर में लोगों की तस्करी के संबंध में जारी अमरीकी विदेश मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार हर साल क़रीब आठ लाख लोगों की तस्करी होती है जिनमें से अधिकतर महिलाएँ और बच्चे होते हैं. अमरीका विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस का कहना है कि यह आधुनिक युग में "दास प्रथा" जैसा है. रिपोर्ट में बोलिविया, कंबोडिया, जमैका और टोंगो के नाम शामिल हैं. इससे पहले पिछले साल की सूची में म्यामांर, क्यूबा, इक्वेडोर, उत्तर कोरिया, सूडान और वेनेजुएला के नाम शामिल किए गए थे और ये नाम अब भी हैं. गंभीर समस्या मानव तस्करी संबंधी 256 पृष्ठों की रिपोर्ट में कहा गया है कि खाड़ी के चार देशों में सबसे अधिक दक्षिण एशिया और अफ्रीका के लोगों को तस्करी के ज़रिए लाया जाता है. खाड़ी देशों में तस्करी के ज़रिए लाए गए बच्चों का इस्तेमाल ऊँट दौड़ में किया जाता है जबकि महिलाओं से वेश्यावृत्ति कराई जाती है. इसके अलावा उन्हें नौकर बना कर भी जबरन रखा जाता है. रिपोर्ट के अनुसार तस्करी के ज़रिए लाए गए लोगों के साथ बुरा बर्ताव होता है और उन्हें ठीक से खाना पीना भी नहीं दिया जाता. अमरीकी विदेश विभाग की मानव तस्करी मामलों की प्रमुख जॉन मिलर कहते हैं, "दुनिया में कहीं भी बच्चों के साथ खेल के लिए इस तरह सुनियोजित ढंग का अत्याचार नहीं किया जाता... या फिर महिलाओं की बात करें तो उनका इस्तेमाल वेश्यावृत्ति के लिए होता है." बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अगर ये देश अब मानव तस्करी को नहीं रोकेंगे तो उन्हें प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है. हालाँकि इस रिपोर्ट को जारी करते हुए अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज्ज़ा राइस ने कहा कि इस समस्या को रोकने की ज़िम्मेदारी अमरीका और अन्य धनी देशों पर भी है. |
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