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ऑस्ट्रेलिया में मारे जाएंगे हज़ारों ऊंट | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ऑस्ट्रेलिया में हज़ारों जंगली ऊंटों को मारने की योजना बनाई जा रही है क्योंकि इन ऊंटों की बढ़ती संख्या से स्थानीय किसान बुरी तरह परेशान हैं. किसानों का कहना है कि भेड़ों और अन्य जानवरों के लिए पानी और भोजन की उपलब्धता काफी कम है और ऐसे में ऊंटों की बढ़ती हुई संख्या से मुश्किलें भी बढ़ गई हैं. अधिकारियों ने यह नहीं बताया है कि कितने ऊंटों को मारा जाएगा लेकिन अंदेशा है कि यह संख्या हज़ारों में हो सकती है. हेलीकॉप्टर के ज़रिए इन ऊंटों को निशानेबाज़ अपनी गोली का शिकार बनाएंगे.अधिकारियों का कहना है कि ऊंटों की बढ़ती संख्या नियंत्रण से बाहर हो गई है और इसीलिए ऐसा खतरनाक उपाय करना पड़ रहा है. कुछ वैज्ञानिकों का दावा है कि ऑस्ट्रेलिया में ऊंटों की संख्या प्रति वर्ष दस प्रतिशत बढ़ रही है. ये ऊंट दक्षिण ऑस्ट्रेलिया की ओर रुख कर रहे हैं क्योंकि यहां पानी है. ऑस्ट्रेलिया में 1800 के मध्य में ऊंट लाए गए थे ताकि औपनिवेशिक ताकतें सूखा प्रभावित अंदरूनी इलाक़ों तक जा सकें. बाद में ट्रेन और ट्रकों के आविष्कार के बाद इन ऊंटों को जंगलों की तरफ़ भेज दिया गया. इन जंगलों का मौसम ख़राब था लेकिन ये ऊंटों के प्रजनन के लिए बेहतरीन साबित हुआ और इनकी संख्या तेज़ी से बढ़ने लगी. इससे पहले ऑस्ट्रेलिया में केन टोडों की संख्या में ऐसी ही बढ़ोतरी हुई थी और एक सांसद ने अपील की कि इन टोडों को क्रिकेट बैटों से मारा जाए. |
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