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बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना! | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना. सुबह जब विंडसर कैसल की ओर रवाना हुआ तो कुछ ऐसा ही लग रहा था क्योंकि एक तो उपवास था और लंदन से एक घंटे के सफ़र के बाद वहाँ पहुँच सकता था तो काफ़ी जल्दी ही निकलना पड़ा. ख़ैर जब विंडसर स्टेशन पर पहुँचा तो लोगों का एक हुजूम साथ ही वहाँ से निकला और रुख़ सबका वहीं, विंडसर कैसल. जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा था, भीड़ बढ़ती ही जा रही थी. उस भीड़ में धीरे-धीरे तो एक-एक इंच भी बढ़ना मुश्किल हो रहा था क्योंकि जो जहाँ खड़ा था वहाँ से हिलने का नाम ही नहीं ले रहा था. मेरी कोशिश थी मीडिया सेंटर पहुँचने की और उसके लिए मुझे सिर्फ़ एक रास्ता पार करना था मगर सुरक्षा इतनी चौकस कि ये संभव ही नहीं था. रास्ता तलाश करते करते मैं तक़रीबन एक किलोमीटर का रास्ता तय करके दूसरे छोर पर पहुँच गया मगर कहानी वही की वही, कि रास्ता पार नहीं कर सकते. अब मजबूरी थी जहाँ हैं वहीं खड़े रहिए कि जब वहाँ से होकर गुज़रने वाला काफ़िला गुज़र जाएगा तभी रास्ता खुलेगा. याद रहीं डायना अब क्या करूँ मैं अभी सोच ही रहा था कि अचानक लोगों का शोर बढ़ने लगा मेरी नज़रें भी रास्ते की ओर लग गईं और कुछ ही देर में एक ख़ूबसूरत सी शाही गाड़ी मेरे सामने से गुज़री.
शोर बढ़ा और मेरी नज़रें जब गाड़ी के भीतर बैठी शख़्सियत पर गई तो देखा युवराज चार्ल्स के बगल में बैठी कैमिला पार्कर बोल्स का हाथ हिल रहा था. ऐसा लगा जैसे मुझे ही देखकर हाथ हिला रही थीं. उस वक़्त अचानक चेहरे पर मुस्कान आ गई और तुरंत ही फिर याद आ गईं डायना भी कि जब वो इस तरह गुज़री रही होंगी तब तो लोगों की ख़ुशियों की सीमा नहीं रही होगी. फिर याद आईं इसलिए कहा क्योंकि जब से उस माहौल में पहुँचा था डायना लगातार जेहन में थीं कि अगर वो ज़िंदा होतीं तो भी क्या ये समारोह होता या फिर क्या होता. वैसे ये सोचने वाला शायद मैं अकेला नहीं था क्योंकि कई और लोग वहाँ डायना के पोस्टर या झंडे लिए खड़े थे. मेरी मुलाक़ात हुई पाकिस्तान की एक महिला सायरा से. उनका भी कहना था कि इस बार जोश उतना नहीं है जितना उन्होंने डायना की शादी में देखा था. मैं उसकी कोई पुष्टि नहीं कर सकता क्योंकि एक तो मैं तब यहाँ था नहीं और होता भी तो एक-दो साल का बच्चा क्या याद रखता. वैसे लोग ये ज़रूर कह रहे थे कि कैमिला पार्कर काफ़ी ख़ूबसूरत लग रहीं हैं. फिर जैसे जैसे कार्यक्रम विंडसर कैसल में शुरू हुआ सुरक्षा व्यवस्था थोड़ी ढीली हुई लोग भी वहाँ से जाने लगे और उन्हीं के साथ हम भी चल पड़े जो भी देखा सुना उसे संजोए. ये सोचते हुए कि कल को हम भी कहेंगे कि युवराज चार्ल्स की शादी में हम भी मौजूद थे, भले ही मुख्य द्वार से भी कुछ दूर ही. |
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