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तालाबानी इराक़ के राष्ट्रपति चुने गए | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में संसद ने जलाल तालाबानी को देश का नया राष्ट्रपति चुन लिया है. वह देश के अल्पसंख्य कुर्द समुदाय से है जिसे सद्दाम हुसैन के शासनकाल में उत्पीड़न का शिकार बनना पड़ा था. दो उपराष्ट्रपतियों के रूप में ग़ाज़ी यावर और आदिल अब्दुल महदी को चुना गया है. निवर्तमान अंतरिम राष्ट्रपति ग़ाज़ी यावर सुन्नी समुदाय से हैं, जबकि अब्दुल महदी शिया समुदाय से. इनका चुनाव इराक़ में लोकतंत्र की स्थापना की दिशा में महत्वपूर्ण क़दम है. राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपतियों की यह टीम ही देश के अंतरिम प्रधानमंत्री का चयन करेगी. अंतरिम प्रधानमंत्री दिसंबर में चुनाव कराए जाने तक इराक़ शासन सँभालेंगे. इस पद के लिए शिया नेता इब्राहिम जाफ़री के नाम की चर्चा की जा रही है. बग़दाद में हुआ चुनाव पिछले कई सप्ताहों से जारी वार्ताओं का परिणाम है. इन वार्ताओं में इराक़ के विभिन्न राजनीतिक गुट राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के पद देश के तीनों प्रमुख समुदायों में बाँटने पर सहमत हुए. सहमति उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति पदों के लिए चुने गए तीन लोगों के अलावा कोई और उम्मीदवार नहीं था. हालाँकि इनका चुनाव फिर भी पूर्ण सहमति से हुआ नहीं कहा जा सकता है. मंगलवार को तालाबानी और चुने गए दो उपराष्ट्रपतियों के पक्ष में 221 मत पड़े, जबकि 30 सांसदों ने विरोध दर्ज करने के लिए मतपत्रों को खाली छोड़ दिया. संवाददाताओं के अनुसार शिया और कुर्द राजनीतिक गुटों में अब भी महत्वपूर्ण मंत्रालयों को लेकर सहमति नहीं बन पाई है. तालाबानी के राष्ट्रपति चुने जाने से प्रतिद्वंद्वी कुर्द नेता कुर्दिस्तान डेमोक्रेटिक पार्टी के मसूद बरज़ानी के एक स्वायत्त कुर्द प्रदेश का गवर्नर बनने का रास्ता ज़रूर साफ़ हो गया है. जेल में बंद पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन और उनके सहयोगियों को संपूर्ण चुनावी प्रक्रिया टेलीविज़न पर दिखाई गई. इससे पहले रविवार को संसद ने स्पीकर के रूप में हाजिम अलहसानी का चुनाव किया था. इराक़ में दो महीने पहले संसदीय चुनाव हुए थे. |
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