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सऊदी अरब में तीन दिन बाद संघर्ष ख़त्म | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सऊदी अरब में अधिकारियों का कहना है कि एक घर में मोर्चा बनाए हुए चरमपंथियों के साथ तीन दिन से चल रहा संघर्ष समाप्त हो गया है. मिस्र के गृहमंत्रालय का कहना है कि सुरक्षाबलों के साथ चले संघर्ष में 14 चरमपंथी मारे गए, पाँच घायल होने के बाद पकड़े गए जबकि एक ने समर्पण कर दिया. अधिकारियों ने इस बात की भी पुष्टि की है कि कार्रवाई में दो ऐसे चरमपंथी भी मारे गए हैं जिनकी सरकार को बड़े ज़ोर-शोर से तलाश थी. सऊदी अरब की राजधानी रियाद से उत्तर-पश्चिम स्थित शहर अल रस में सुरक्षाबलों और चरमपंथियों के बीच संघर्ष रविवार सुबह शुरू हुआ. सऊदी सुरक्षाबलों ने एक मकान को घेरा जिसके बाद चरमपंथियों और उनके बीच गोलीबारी शुरू हुई. मेडिकल सूत्रों के अनुसार ये संघर्ष देश में चरमपंथियों के साथ हुआ अब तक का सबसे बड़ा संघर्ष माना जा रहा है और इसमें 50 से भी अधिक सुरक्षाकर्मी भी घायल हुए हैं. अपुष्ट ख़बरों के अनुसार संघर्ष में मरनेवालों की संख्या 18 तक जा सकती है. बड़ी सफलता सऊदी अधिकारियों के अनुसार संघर्ष में जो दो नामी चरमपंथी मारे गए हैं वे हैं अब्दुल करीम अल मेजाटी और सउद होमौद अल ओतेबी. सऊदी अधिकारियों का आरोप है कि मई 2003 में मोरक्को के शहर कासाब्लांका में हुए बम विस्फोटों के पीछे मेजाटी का हाथ था. सऊदी सुरक्षा विशेषज्ञ नवाफ़ ओबैद ने समचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा कि मेजाटी का मारा जाना सउदी सुरक्षाबलों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है. उन्होंने कहा,"मेजाटी की तलाश ना केवल सऊदी अरब बल्कि पूरे यूरोप में हो रही थी". मेजाटी और ओतेबी सऊदी अरब में उन 26 वांछित लोगों की सूची में शामिल थे जिनकी सरकार को तलाश थी. ये भी बताया जा रहा है कि 11 मार्च 2004 को स्पेन की राजधानी मैड्रिड में कई रेलगाड़ियों में हुए धमाकों के सिलसिले में ओबेती की तलाश की जा रही थी. |
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