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पोप जॉन पॉल की हालत और बिगड़ी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कैथोलिक ईसाइयों के धर्मगुरू पोप जॉन पॉल की हालत गुरूवार रात अचानक ख़राब हो गई है. वैटिकन के प्रवक्ता के अनुसार पोप को मूत्र-तंत्र के संक्रमण के कारण तेज़ बुख़ार चढ़ गया है. अपुष्ट ख़बरों के अनुसार पोप का परमसंस्कार करा दिया गया है. यह संस्कार बीमार और मरणासन्न कैथोलिकों का कराया जाता है. गुरूवार देर रात वैटिकन ने पोप की तबीयत के बारे में बयान जारी करने का असामान्य क़दम उठाया. वैटिकन के आधिकारिक प्रवक्ता जोक़्विन नैवैरो वाल्स ने बताया कि पिछले कुछ घंटों के दौरान पोप की तबीयत बिगड़ गई है. मूत्र-तंत्र में संक्रमण के कारण पोप को तेज़ बुख़ार आ गया है. उनका रक्तचाप भी कम हो गया है. प्रवक्ता ने बताया कि पोप को एंटीबॉयोटिक्स दवाएँ दी जा रही हैं. वैटिकन के एक अन्य अधिकारी ने कहा कि पोप की दी जा रही दवाओं का असर हो रहा है, हालाँकि उसने भी पोप की हालत को गंभीर ही बताया. पोप श्रद्धालुओं को दर्शन देने के लिए बुधवार को कुछ देर के लिए अपने अध्ययन-कक्ष की खिड़की पर उपस्थित हुए थे. लेकिन उसके कुछ ही देर बाद वैटिकन ने घोषणा की कि उन्हें नाक में नली के ज़रिए आहार दिया जा रहा है, ताकि उन्हें अतिरिक्त ऊर्जा मिल सके. पार्किंसन रोग ऐसी भी ख़बरें आ रही हैं कि गले के ऑपरेशन के बाद से पोप का वज़न बहुत घट गया है. उल्लेखनीय है कि पोप पिछले एक दशक से पार्किंसन रोग से भी पीड़ित हैं. इस रोग के कारण उन्हें साँस लेने और खाना निगलने में तकलीफ़ होती है. फ़रवरी में चौरासी वर्षीय पोप के गले का ऑपरेशन किया गया था. पोप इस समय में वैटिकन के अपने निजी कक्ष में हैं. उनके निजी चिकित्सक रीनैतो बुज़ेती की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है. इस साल अब तक दो बार पोप को साँस लेने में तकलीफ़ और गले के ऑपरेशन के चलते अस्पताल में भर्ती कराया जा चुका है. उन्होंने इस साल कुल मिलाकर 28 दिन अस्पताल में गुजारे हैं. |
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