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फ्रांस में यौन शोषण का बड़ा मामला | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फ़्रांस की एक अदालत में 66 पुरुषों और महिलाओं के ख़िलाफ़ बच्चों के यौन शोषण का मामला सुनवाई के लिए आया है. माना जा रहा है कि फ्रांस के आपराधिक इतिहास का ये सबसे काला अध्याय साबित हो सकता है. इन 66 लोगों पर फ़्रांस के सरकारी वकील ने गंभीर आरोप लगाए हैं. आरोप है इन लोगों ने कम से कम 45 बच्चों का यौन शोषण किया. बताया गया है कि जिन बच्चों का शोषण किया गया उनकी उम्र 12 साल या उससे कम थी. इनमें से एक बच्चे की उम्र तो सिर्फ़ छह महीने की थी. सरकारी वक़ील के अनुसार इन बच्चों का शोषण वर्ष 1999 से 2002 के बीच किया गया. कुछ बच्चों के साथ बलात्कार किया गया और कुछ के साथ यौन दुर्व्यवहार. इन बच्चों का शोषण करने वालों का एक बड़ा गुट था जिनमें उनतालीस पुरुष और 27 महिलाएँ शामिल हैं. सरकारी वक़ील का कहना है कि कई और लोगों को अभी अदालत में लाया जाएगा क्योंकि इस गिरोह में शामिल कुछ लोगों की गिरफ़्तारी अभी नहीं हो सकी है. अभियोग पक्ष का कहना है कि यौन दुर्व्यवहार के ये मामले फ़्रांस के आंजर्स शहर या उसके आस-पास हुए. इन आरोपों को सुनकर ही शरीर में कँपकँपी दौड़ जाती है और अगर साबित हुए तो ये आरोप फ़्रांस के इतिहास के सबसे संगीन अपराधों में शामिल होंगे. सरकारी वकील का आरोप है कि कुछ माता-पिता ने ख़ुद पैसा, खाना या सिगरेट लेकर अपने बच्चों को इन यौन दुराचारियों को सौंप दिया. इन अभिभावकों में से कई अनपढ़ हैं और अधिकतर बेरोज़गार. माना जा रहा है कि गिरफ़्तार लोगों में से कम से कम तीन को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई जा सकती है. फ्रांस में लोग बच्चों के यौन शोषण की ये ख़बर सुनकर स्तब्ध हैं और उन्हें आश्चर्य ही नहीं बल्कि उनमें गहरी नाराज़गी भी है कि कैसे इतने साल तक इस घृणित कृत्य की भनक पुलिस को नहीं लगी. |
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