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ग़रीब देशों के सभी कर्ज़ माफ हों: मंडेला | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला ने दुनिया के धनी देशों से अपील की है कि वे अफ्रीकी देशों के सभी कर्ज़ बिना किसी देरी के माफ कर दें. लंदन में औद्योगिक देशों के समूह जी-सात की एक बैठक को संबोधित करते हुए मंडेला ने कहा कि धनी देश चाहें तो आज ही अफ्रीकी देशों के कर्ज़ माफ किए जा सकते हैं. उन्होंने दुनिया भर के देशों से यह अपील भी की कि 2015 तक हर साल ग़रीब देशों को दी जाने वाली मदद दुगुनी की जाए और विश्व व्यापार व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए. उन्होंने ब्रिटेन के उस प्रस्ताव का स्वागत किया जिसमें कहा गया है कि धनी देश वित्तीय बाज़ारों की मदद से ग़रीब देशों के लिए मदद बढ़ाएँ. हालांकि अमरीका ने ब्रिटेन के इस प्रस्ताव को स्पष्ट रुप से नकार दिया है. अमरीका का कहना है कि ग़रीब देशों के कर्ज़ माफ करने के बारे में उनकी अपनी योजनाएँ हैं. जी-सात की बैठक में पहली बार नेल्सन मंडेला को बोलने के लिए बुलाया गया था. बीबीसी संवाददाता कीथ एडम्स का कहना है कि मंडेला को आमंत्रित करके ब्रिटेन ने यह दिखाने की कोशिश की है कि वह अफ्रीकी देशों की ग़रीबी दूर करने के प्रति गंभीर है. |
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