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सोमवार, 31 जनवरी, 2005 को 09:10 GMT तक के समाचार
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'एशियाई छात्रों की संख्या 35 प्रतिशत घटी'
बिल गेट्स
ग्यारह सितंबर 2001 के बाद आप्रवासियों पर लगाए गए नए प्रतिबंधों से ऐसा हुआ है
दुनिया की सबसे बड़ी कंप्यूटर तकनीक कंपनी माइक्रोसॉफ़्ट के अध्यक्ष बिल गेट्स का कहना है कि अमरीका की आप्रवासी नीति में नए नियमों से कंप्यूटर विज्ञान पढ़ने आ रहे एशियाई छात्रों की संख्या पर बहुत बुरा असर हुआ है.

उनका कहना था कि ग्यारह सितंबर के हमलों के बाद आप्रवासियों पर लगाए गए नए प्रतिबंधों से ऐसा हुआ है.

बिल गेट्स के अनुसार अमरीकी विश्वविद्यालयों में कंप्यूटर सांइंस विभाग में आने वाले एशियाई छात्रों की संख्या लगभग 35 प्रतिशत घटी है.

दावोस में विश्व आर्थिक मंच को संबोधित करते हुए बिल गेट्स का कहना था कि इससे अमरीका के लिए कई ख़तरे हो सकते हैं.

उन्होंने दावा किया कि एशियाई छात्रों की संख्या घटने से विश्व के सॉफ़्टवेयर उद्योग में अमरीका के प्रथम स्थान से हट जाने का ख़तरा हो सकता है.

के फ़ाउंडेशन ने दुनिया भर में शिशुओं को विभिन्न बीमारियों से बचाव के टीके लगाने के कार्यक्रम को 75 करोड़ डॉलर की राशि देने की घोषणा की है.

बिल गेट्स ने कहा है कि इस दान राशि से लाखों बच्चों की ज़िंदगी बचाने में मदद मिल सकेगी.

"बच्चों को बीमारियों से बचाने के कार्यक्रम में धन लगाना बेशक एक ऐसा निवेश है जो अब तक का सबसे अच्छा काम है."

साथ ही नॉर्वे ने भी ग्लोबल अलायंस फॉर वेक्सिनेशन एंड इम्यूनाइज़ेशन (जीएवीआई) को 29 करोड़ डॉलर की धनराशि देने की घोषणा की है.

बिल गेट्स की धनराशि दस साल में और नॉर्वे की राशि पाँच साल में ख़र्च की जाएगी.

बिल गेट्स ने बच्चों के कल्याण के लिए काफ़ी कुछ किया है और उनके संस्थान बिल एंड मेलिंडा गेट्स फ़ाउंडेशन ने पिछले दशक में कल्याणकारी योजनाओं के लिए सात अरब डॉलर ख़र्च किए थे.

लाखों मौतें

जीएवीआई की स्थापना सन 2000 में दुनिया भर में टीकाकरण के कार्यक्रमों में तालमेल बनाने के मक़सद से की गई थी और यह संस्था क़रीब पाँच करोड़ चालीस लाख बच्चों को विभिन्न बीमारियों से बचाव के टीके लगा चुकी है.

इनमें डिप्थीरिया, टिटनस, खाँसी, हेपेटाइटिस-बी, फ्लू और पीला बुख़ार जैसी बीमारियाँ शामिल हैं.

बिल गेट्स ने कहा, "सिर्फ़ पाँच साल के प्रयासों से जीएवीआई ने लाखों बच्चों की जान बचाई है और आने वाले वक़्त में भी इसके प्रयासों से लाखों बच्चों की जान बच सकेगी."

गेट्स ने बताया कि जीएवीआई इस धनराशि का इस्तेमाल 72 ग़रीब देशों में चलाए जा रहे टीकाकरण कार्यक्रमों में करेगा.

जीएवीआई के चेयरमैन डॉक्टर जोंग वुक ली ने बिल गेट्स की राशि की घोषणा का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे आने वाले सालों में बहुत से कष्टों और विकलांगता से मुक्ति दिलाने में मदद मिलेगी.

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