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फ़लस्तीनी चुनाव में हमास की जीत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फ़लस्तीनी क्षेत्रों में स्थानीय निकायों के लिए हुए चुनाव में चरमपंथी संगठन हमास को ग़ज़ा पट्टी क्षेत्र में काफ़ी सीटें मिली हैं. इससे पहले मतदान बाद हुए एक सर्वेक्षण ने संकेत दिया था कि चार बड़े ज़िलों में से तीन में हमास का प्रदर्शन अच्छा रहने की संभावना है. फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास के फ़तह संगठन ने इस सर्वेक्षण के संकेतों को चुनौती दी थी. यह सर्वेक्षण फ़लस्तीनी नीति और सर्वेक्षण शोध केंद्र ने किया था. शुरुआती नतीजों से पता चलता है कि हमास को दो-तिहाई से भी ज़्यादा सीटें मिल सकती हैं. इससे हमास ने जिन नौ स्थानीय परिषदों में चुनाव लड़ा था उनमें से सात में उसका नियंत्रण स्थापित हो सकता है. ग़ज़ा पट्टी में बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इन नतीजों को सरकारी संस्थाओं में कथित भ्रष्टाचार पर फ़लस्तीनियों के ग़ुस्से के रूप में देखा जा रहा है. इन संस्थाओं पर अभी तक मुख्य धारा के फ़तह संगठन का नियंत्रण रहा है. बीबीसी संवाददाता का यह भी कहना है कि हमास ने ग़रीबों के लिए अपने व्यापक कल्याणकारी कार्यक्रमों के ज़रिए काफ़ी सम्मान और लोकप्रियता हासिल की है. चरमपंथी संगठन इसराइल हमास को चरमपंथी संगठन मानता है. हमास ने दिसंबर में पश्चिमी तट में हुए स्थानीय निकायों के चुनाव में भी अच्छा प्रदर्शन किया था. दिसंबर के ये नतीजे इस संगठन के मुख्य धारा की राजनीति में पहली उपस्थिति थी. ध्यान रहे कि हमास ने इसराइल के ख़िलाफ़ जेहाद छेड़ रखा है और उसके सदस्य अक्सर इसराइल के ख़िलाफ़ हमले करते रहते हैं जिनमें आत्मघाती हमले भी शामिल हैं. फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने हमास और इसराइल के बीच युद्ध विराम घोषित कराने के लिए कुछ दिन पहले हमास और कुछ अन्य संगठनों के पदाधिकारियों के साथ बातचीत शुरू की थी. इसराइल ने इस बातचीत का स्वागत करते हुए महमूद अब्बास से अपने संपर्क बहाल करने की घोषणा की थी जो कुछ दिन पहले तोड़ लिए गए थे. |
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