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इसराइल चुनाव के लिए पाबंदियाँ हटाएगा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइल के प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन ने कुछ ऐसे उपायों को मंज़ूरी दी है जिनसे फ़लस्तीनी प्रशासन के अध्यक्ष के अगले महीने होने वाले चुनाव बिना किसी बाधा के हो सकें. शेरॉन ने कहा है कि पूरी दुनिया देखेगी कि इसराइल ये चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष कराने की इजाज़त देगा. इसराइली मंत्रिमंडल ने चुनावों को देखते हुए वहाँ पर से कुछ पाबंदियाँ हटाने की मंज़ूरी दी है और सेना भी फ़लस्तीनी शहरों से बाहर निकल जाएगी. इसराइल की यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब फ़लस्तीनी राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार महमूद अब्बास उर्फ़ अबू माज़ेन ने फ़लस्तीनी हिंसा को रोके जाने की फिर अपील की है. उन्होंने कहा कि आज़ादी सिर्फ़ शांतिपूर्ण तरीक़ों से ही हासिल की जा सकती है. माज़ेन ने जनवरी में होने वाले चुनाव के लिए शनिवार को औपचारिक रूप से अपना प्रचार अभियान शुरू किया. साथ ही उन्होंने इसराइल से भी माँग की वह पश्चिमी तट और ग़ज़ा पट्टी में अपना क़ब्ज़ा ख़त्म कर दे. उधर रविवार को मंत्रिमंडल की बैठक के बाद इसराइली प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन ने कहा, "ये चुनाव इसलिए बहुत महत्वपूर्ण हैं कि इन से एक ऐसा फ़लस्तीनी नेतृत्व उभरेगा जिसके साथ शांति वार्ता में प्रगति की उम्मीद की जा सकेगी." इसराइली मंत्रिमंडल ने विवादास्पद पूर्वी येरूशलम इलाक़े में भी चुनाव प्रचार करने की इजाज़त दे दी है. एक अलग बयान में इसराइल सरकार ने कहा है कि ग़ज़ा पट्टी में बहुत से यहूदियों ने मार्च तक वह इलाक़ा छोड़ देने की पेशकश की है. शेरॉन की योजना के तहत ग़ज़ा पट्टी और पश्चिमी तट की चार बस्तियों में से क़रीब आठ हज़ार यहूदी हटेंगे और उनकी सुरक्षा के लिए वहाँ तैनात सैनिक भी हटाए जाएंगे. इस बीच रविवार को ग़ज़ा पट्टी में कुछ हिंसा की ख़बर मिली. फ़लस्तीनी अधिकारियों ने कहा है कि बुरेजी शरणार्थी शिविर के पास इसराइली सैनिकों के हाथों दो फ़लस्तीनी मारे गए. इसराइली सेना का कहना है कि सैनिकों ने उस वक़्त गोली चलाई जब कुछ लोग शिविर के निकट बाड़ पर चढ़ने की कोशिश कर रहे थे. चरमपंथी संगठन हमास ने कहा है कि उसके दो सदस्यों की उस वक़्त मौत हो गई जब वे एक इसराइली सैनिक ठिकाने के पास बम रखने की कोशिश कर रहे थे. उधर पश्चिमी तट के नगर निगम के 23 दिसंबर को हुए चुनाव के नतीजों से पता चला है कि हमास ने मुख्य धारा के फ़तह के ख़िलाफ़ महत्वपूर्ण बढ़त हासिल कर ली है. फ़लस्तीनी अधिकारियों ने कहा कि फ़तह संगठन को अभी काउंसिल की बहुत सीटें मिली हैं लेकिन हमास ने कम से कम आठ नगर निगमों में बढ़त हासिल कर ली है. हमास ने फ़लस्तीनियों स कहा है कि वह जनवरी में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में मतदान नहीं करें. इसराइल हमास को एक ग़ैरक़ानूनी संगठन मानता है. |
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