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पाकिस्तान में चरमपंथी नेता गिरफ़्तार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान में अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षाबलों ने एक चरमपंथी गुट के प्रमुख को गिरफ़्तार किया है. अधिकारियों के अनुसार चरमपंथी नेता का नाम सैयद अकबर आग़ा है और वह जैशल मुसलमीन नाम के एक गुट का प्रमुख है. बताया जा रहा है कि सैयद अकबर आग़ा का हाथ अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र के तीन कार्यकर्ताओं के अपहरण में था. इन कार्यकर्ताओं का पिछले अक्तूबर में काबुल में अपहरण कर लिया गया था मगर एक महीने बाद उनको छोड़ दिया गया. जैशल मुसलमीन ने अपहरण की ज़िम्मेदारी ली थी मगर ये पता नहीं चल सका है कि रिहाई के लिए चरमपंथी गुट के साथ कोई सौदेबाज़ी हुई थी. ये कार्यकर्ता अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति चुनाव के आयोजन में सहायता देने के लिए वहाँ गए थे. गिरफ़्तारी इस्लामाबाद से बीबीसी संवाददाता का कहना है कि पाकिस्तान में जुलाई के बाद पहली बार किसी बड़े चरमपंथी को पकड़ा गया है. इस साल जुलाई में देश के अलग-अलग हिस्सों से अल क़ायदा से जुड़े होने के संदेह में कई लोगों को पकड़ा गया था. सैयद अकबर आग़ा को पाकिस्तान के कराची शहर में पकड़ा गया. समझा जाता है कि जिस जैशल मुसलमीन नामक गुट के वे नेता हैं वह अफ़ग़ानिस्तान के पूर्व शासकों तालिबान से अलग हुआ एक गुट है. अफ़ग़ानिस्तान में कई विदेशियों के अपहरण के पीछे इस संगठन का हाथ था. पाकिस्तान के सूचना मंत्री शेख़ रशीद ने बताया है कि सैयद अकबर आग़ा को अफ़ग़ानिस्तान के हवाले करने की कोई योजना नहीं है. |
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