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अफ़ग़ानिस्तान में बंधक छुड़ाए गए | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ानिस्तान में पिछले महीने बंधक बनाए गए संयुक्त राष्ट्र के तीन कर्मचारियों को रिहा करा लिया गया है. अफ़ग़ानिस्तान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इन लोगों को रिहा कराने के लिए की गई सैनिक कार्रवाई में एक अपहर्ता मारा गया जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं. उत्तरी आयरलैंड, कोसवो और फिलीपींस के मूल निवासी तीनों संयुक्त राष्ट्र अधिकारी अफ़ग़ानिस्तान में राष्ट्रपति चुनाव के सिलसिले में वहाँ गए थे, 28 अक्तूबर को काबुल में उनका अपहरण कर लिया गया था. संयुक्त राष्ट्र ने अभी तक इन अधिकारियों की रिहाई की पुष्टि नहीं की है, रिहा कराए गए अधिकारियों की हालत के बारे में भी जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है. इससे पहले भी दो मकानों पर छापे मारकर दस लोगों को गिरफ़्तार किया गया था लेकिन अपह्रत अधिकारियों का पता नहीं चल सका था. इन अधिकारियों को छुड़ाने के लिए अमरीकी और अफ़ग़ान सैनिकों ने तड़के ज़ोरदार हमला बोला था जिसमें बड़ी मात्रा में गोला बारूद का इस्तेमाल किया गया. तालेबान से अलग हुए एक गुट, जैश ए मुसलमीन ने इन लोगों को बंधक बनाने की ज़िम्मेदारी ली थी और उनकी एक वीडियो फिल्म भी जारी की थी जिसमें इन लोगों को दिखाया गया था. इस गुट ने धमकी दी थी कि अगर जेलों में बंद उनके 26 साथियों को रिहा नहीं किया गया तो इन लोगों की हत्या कर दी जाएगी. |
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