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लगभग तीन हज़ार नौकरियों की कटौती | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बीबीसी के महानिदेशक मार्क थॉंम्पसन ने कॉर्पोरेशन में सुधार के एक क़दम के तहत प्रतिवर्ष 320 मिलियन पाउंड की बचत और हज़ारों नौकरियों की कटौती का ऐलान किया है. इनमें से लगभग 2,900 पद प्रशासन विभाग के होंगे. उन्होंने कहा कि बचत इसलिए ज़रूरी है ताकि लाइसेंस शुल्क का कुछ और हिस्सा कार्यक्रमों के निर्माण में ख़र्च किया जा सके. ब्रिटेन के आम श्रोताओं को ध्यान में रखते हुए इस बात की संभावना है कि 2008 तक बीबीसी के लगभग दो हज़ार कर्मचारी लंदन के बजाय मैनचेस्टर से काम करने लगेंगे. कार्यक्रमों पर होगा ख़र्च बीबीसी की योजना है अगले तीन साल में अपने बचत लक्ष्यों को पूरा कर लेना ताकि यह राशि कार्यक्रमों में ख़र्च की जा सके. मार्क थॉम्पसन का कहना था कि वर्ल्ड सर्विस से पर्याप्त मात्रा में बचत करने को कहा गया है. नौकरियों मे कटौती का जिन विभागों पर सबसे ज़्यादा प्रभाव पड़ेगा वे हैं मानव संसाधन, प्रशिक्षण, वित्त और क़ानूनी सेवाएँ, हालाँकि क़ानूनी सलाह कार्यक्रम इस से अछूता रहेगा. मार्क थॉम्पसन का कहना था कि अगले तीन साल में कुछ लोगों की छंटनी की जाएगी और कुछ काम बाहर से कराने पर विचार किया जाएगा. बीबीसी में लगभग 27 हज़ार लोग काम करते हैं और कर्मचारियों से कहा गया कि अधिकतर विभागों को 15 प्रतिशत तक की बचत करनी होगी. उन्होंने कहा कि बीबीसी को प्रक्रिया' पर कम और 'सामग्री' पर ज़्यादा ख़र्च करने की ज़रूरत है. उन्होंने कहा कि बीबीसी डिजिटल युग में तभी अपना अस्तित्व बनाए रख सकता है जब वह पत्रकारिता, ड्रामा, कॉमेडी, संगीत और बच्चों के टीवी और रेडियो जैसे क्षेत्रों में अधिक निवेश करे. महानिदेशक ने कहा कि श्रोता और दर्शक एक ऐसी बीबीसी चाहते हैं जो सर्वश्रेष्ठता पर केंद्रित हो और जो उन्हें बेहतर क्वालिटी और ऐसी गहराई दे सके जो उन्हें अन्य प्रसारकों से नहीं मिलती. ये घोषणाएँ ऐसे समय पर हुई हैं जब बीबीसी 2007 में अपने चार्टर का नवीनीकरण करने जा रहा है. यह चार्टर बीबीसी की भूमिका, उसके स्वरूप और उसमें लगने वाले पैसे को परिभाषित करता है. |
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