| बुश और केरी का अपना-अपना अमरीका | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जॉर्ज बुश और जॉन केरी दोनों की सभाओं में जो बातें हुईं उन्हें सुनकर ऐसा लगता है कि दोनों ही दो अलग-अलग अमरीका की बात कर रहे हैं. एक का अमरीका खुशहाल है, देश को ही नहीं, पूरी दुनिया को अमन-चैन दे रहा है तो दूसरे का अमरीका पहले से अधिक असुरक्षित है और पूरी दुनिया उसके ख़िलाफ़ हो गई है. जॉर्ज बुश अपने समर्थकों को ये समझाते फिर रहे हैं कि उनके कार्यकाल में इराक़-अफ़ग़ानिस्तान में आई नई आज़ादी ने अमरीका को पहले के मुक़ाबले अधिक सुरक्षित देश बनाया है. बुश अपनी सभाओं में कहते हैं, "आज़ादी क़दम बढ़ा रही है और ये सौगात अमरीका नहीं दे रहा क्योंकि हम मानते हैं कि आज़ादी परमपिता परमेश्वर की देन है." वहीं केरी अपने समर्थकों को बता रहे हैं कि ये चुनाव एक विचारधारा की लड़ाई है और पूरी दुनिया ने इस पर नज़रें गड़ाई हुई हैं. केरी अपने समर्थकों से कहते हैं, "पूरी दुनिया प्रतीक्षा कर रही है कि हम क्या करते हैं. दुनिया जानना चाहती है कि क्या हम वही देश हैं जो लोगों का ख़याल रखता है या वह देश जो विचारधाराओं और विश्वास के नाम पर धौंस जमाता फिरता है." अलग सोच दोनों ही के मतदाता अलग सोच रखते हैं और दोनों को लगता है कि उनकी सोच अमरीका के लिए बेहतर है. बुश का मतदाता आतंक के ख़िलाफ़ लड़ाई में उनके साथ है. ओहायो में जॉर्ज बुश की रैली में आए एक मतदाता ने कहा, "बुश अपनी बात के पक्के हैं और बाहर जाकर उन्होंने आतंकवादियों के साथ जो लड़ाई की उसके उनके पास पर्याप्त कारण थे." वहीं केरी का मतदाता इराक़ मुद्दे पर कुछ और ही सोचता है. न्यू हैंपशायर में केरी की एक सभा में आए उनके एक समर्थक ने कहा, "हमने इराक़ में जो किया है उससे इराक़ आतंकवादियों की एक सुरक्षित शरणस्थली बन गया है और हम पहले के मुक़ाबले अब कम सुरक्षित हैं." बुश का मतदाता नैतिकता और धर्म से जुड़े गर्भपात और समलैंगिक विवाह जैसे मुद्दों को लेकर बहुत गंभीर है. रिपब्लिकन पार्टी के समर्थक एक मतदाता ने कहा, "उनका समर्थन हम इसलिए करते हैं क्योंकि यहाँ हम विवाह और दूसरे नैतिक मुद्दों पर उनके रूख़ को सही मानते हैं." वहीं केरी के समर्थक मतदाता उनकी धर्म की दलील को वोट बटोरने का एक ज़रिया समझते हैं. केरी की सभा में आई एक महिला ने कहा, "मुझे तो लगता है कि वे ईसाई हैं ही नहीं, वे इसका इस्तेमाल कर रहे हैं ईसाई वोटों के लिए. मैं भी ईसाई हूँ और उनकी सोच मेरी आस्था से बिल्कुल ही अलग है." मजबूरी कुल मिलाकर बुश के समर्थन और केरी के समर्थन दोनों ही का कारण बुश की नीतियाँ ही हैं. बुश समर्थक उनके अंधभक्त लगते हैं और केरी के समर्थक बुश की नीतियों से नाराज़. येल यूनिवर्सिटी से शिक्षा प्राप्त रिचर्ड्स ने कहा, "मुझे लगता है कि ये केरी के समर्थन से कहीं अधिक बुश के विरोध का वोट है. केरी को कुछ समझौते करने पड़े हैं यहाँ तक आने के लिए, मगर मैं उनकी मजबूरी समझता हूँ." केरी अपने समर्थकों से वादा कर रहे हैं कि बस एक-दो दिन में उनकी मुसीबतों का अंत हो जाएगा. बुश का अमरीका, केरी का अमरीका, कौन अमरीका की जनता को अधिक पसंद है जल्दी ही पता चल जाएगा. |
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