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फ़लूजा में धैर्य जवाब दे रहा है: अलावी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक के अंतरिम प्रधानमंत्री इयाद अलावी ने कहा है कि विद्रोहियों के कब्जे वाले फ़लूजा शहर में स्थिति के शांतिपूर्ण समाधान की संभावना कम होती जा रही है. फ़लूजा पर हमला करने की तैयारियों के तहत अमरीकी सेनाएँ पिछले कई हफ़्तों से लगातार शहर पर बमबारी कर रही हैं. एक संवाददाता सम्मेलन में अंतरिम प्रधानमंत्री ईयाद अलावी ने कहा कि फ़लूजा की समस्या को शांतिपूर्ण तरीक़े से सुलझाने के प्रयास अंतिम चरण में हैं. अंतरिम सरकार और स्थानीय समुदाय के नेताऔं के बीच बातचीत कुछ दिनों से चल रही है. मौक़ा अलावी शनिवार को स्वयं इस इलाके के कबीलाई प्रमुखों से मिले थे. अलावी ने पहले कहा था कि ये बातचीत फ़लूजा पर सैनिक हमला रोकने का अंतिम मौक़ा है. रविवार को अलावी ने कहा, " हमार धैर्य टूट रहा है. समय कम है और लगता है कि हम अंत की ओर बढ़ रहे हैं. "
अलावी के इस बयान के बाद ऐसा लगता है कि फ़लूजा पर अमरीकी हमले को रोकना मुश्किल है. अमरीकी सेनाएं लगातार दावा करती रही है कि फ़लूजा विद्रोहियों का इलाक़ा है और वहां लगातार बमबारी की जाती रही है. शनिवार को फ़लूजा के पास अमरीकी मरीन सैनिकों पर भी हमला किया गया था जिसमें नौ मरीन सैनिक मारे गए थे. अमरीकी कमांडरों का मानना है कि फ़लूजा में दो से पांच हज़ार इस्लामी चरमपंथी हैं. इनमें से कुछ सद्दाम हुसैन के प्रति वफ़ादार है और कुछ अपराधी जो फ़लूजा को अपने नियंत्रण में करने को प्रतिबद्ध है. अलावी का कहना है कि अधिकारियों ने पिछले एक हफ़्ते में 160 से अधिक चरमपंथियों को गिरफ़्तार किया है. इनमें से अधिकतर इराक़ी नहीं है. |
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