BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
शुक्रवार, 24 सितंबर, 2004 को 22:31 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
इराक़ चुनावों को लेकर सवाल उठे
बग़दाद में अमरीकी सैनिक
पिछले कुछ हफ़्तों में हिंसा में तेज़ी आई है
इराक़ में अगले साल जनवरी में चुनाव कराने की अमरीकी सरकार की योजना और क्षमता पर उसके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों ने सवालिया निशान उठाए हैं.

डेमोक्रेटिक पार्टी ने अमरीका के विदेश राज्य मंत्री रिचर्ड आर्मिटेज के उस बयान को झूठा आशावाद बताया है जिसमें उन्होंने कहा था कि सभी मतदान सभी इराक़ियों के लिए खुला होगा.

कांग्रेस की एक समिति के सामने आर्मिटेज़ ने कहा कि इराक़ में चुनाव कराना बहुत बड़ा काम है.

लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी कहा, "हम इराक़ में चुनाव खुले और स्वतंत्र कराने की कोशिश कर रहे हैं और वे सभी नागरिकों के लिए खुले होंगे. हमारी कोशिश होगी कि हम अशांत क्षेत्रों में भी चुनाव करा सकें."

"मेरा ख़याल है कि हम पूरे देश में चुनाव कराने जा रहे हैं."

आर्मिटेज का यह बयान रक्षा मंत्री डोनाल्ड रम्सफ़ेल्ड के बयान से उल्टा है.

रम्सफ़ेल्ड ने गुरूवार को कहा था कि इराक़ में हिंसा को देखते हुए हो सकता है कि चुनाव सीमित रखा जाए.

"आप ऐसे चुनाव करा रहे हैं जो शायद अपने आप में ठीक ना हों. इससे बेहतर है कि चुनाव कराए ही ना जाएं."

उधर इराक़ में चुनावों की तैयारी से जुड़े संयुक्त राष्ट्र के एक प्रमुख अधिकारी ने अमरीकी रक्षा मंत्री डोनल्ड रम्सफ़ेल्ड की इस टिप्पणी के लिए आलोचना की है कि इराक़ में सीमित चुनाव ही संभव हो सकते हैं.

वहाँ चुनावों से जुड़े संयुक्त राष्ट्र के दल के प्रमुख कार्लोस वैलेंज़ुएला ने कहा कि इस तरह की अटकलों से आम इराक़ियों को लग सकता है कि उन्हें चुनाव प्रक्रिया से अलग रखा जा रहा है.

वैलेंज़ुएला इससे पहले पूर्वी तिमोर और कंबोडिया में चुनाव कराने की ज़िम्मेदारी सफलतापूर्वक निभा चुके हैं.

उन्होंने कहा कि इराक़ में चुनाव की राह में चुनौतियाँ वास्तविक हैं, लेकिन उन्हें फिर भी विश्वास है कि वहाँ चुनाव कराए जा सकते हैं.

वैलेंज़ुएला ने कहा, "स्थिति बहुत ही जटिल है, लेकिन हम समझते हैं चुनाव संभव है."

उन्होंने कहा, "हमारे पास समय बहुत कम है, लेकिन हम दी गई समय सीमा को लेकर चल रहे हैं. सारी ज़रूरी तैयारियाँ की जा रही हैं."

विरोधाभास

ग़ौरतलब है कि डोनल्ड रम्सफ़्लेड ने ऐसे संकेत दिए थे कि इराक़ के हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में संभव है चुनाव नहीं कराए जाएँ.

पूर्ण चुनाव
 हम निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव कराने जा रहे हैं. मतलब ऐसा चुनाव जिसमें सभी नागरिकों की हिस्सेदारी होगी. और हमारा पूरा प्रयास होगा कि हिंसा वाले इलाक़ों में भी चुनाव हो.
रिचर्ड आर्मिटेज

हालाँकि अमरीका के विदेश उपमंत्री रिचर्ड आर्मिटेज ने कहा है कि उन्हें हिंसाग्रस्त इलाक़ों को चुनाव से अलग रखने की किसी योजना की जानकारी नहीं है.

उन्होंने कहा, “हम निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव कराने जा रहे हैं. मतलब ऐसा चुनाव जिसमें सभी नागरिकों की हिस्सेदारी होगी. और हमारा पूरा प्रयास होगा कि हिंसा वाले इलाक़ों में भी चुनाव हो.”

इस बीच अमरीकी संसद में डेमोक्रेटिक पार्टी की एक सदस्य ने कहा है कि नियत समय पर इराक़ में चुनाव कराया जाना किसी आश्चर्य से कम नहीं होगा.

सांसद नीता लोवी ने कहा कि इराक़ में न तो मतदाता सूची है, और न ही अभी तक राजनीतिक दलों का गठन किया गया है.

अलावी की गुहार

इराक़ के अंतरिम प्रधानमंत्री ईयाद अलावी ने दुनिया के नेताओं से अपील की है कि वे आतंकवाद से लड़ने में उनके देश की मदद करें.

न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वर्षों की मुश्किलों से उबरने और लोकतंत्र के सपने को साकार करने के लिए इराक़ को और सहायता की ज़रूरत है.

अलावी ने कहा कि इराक़ की लड़ाई, पूरी दुनिया की लड़ाई है.

उन्होंने कहा कि ज़्यादा से ज़्यादा देशों को इराक़ में अपने सैनिक भेजने चाहिए.

इससे जुड़ी ख़बरें
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>