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महिला वैज्ञानिक की रिहाई को लेकर भ्रम | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक की अमरीका प्रशासित जेल में बंद दो महिला वैज्ञानिकों को छोड़ने के बारे में विरोधाभासी रिपोर्टें आ रही हैं. पहले इराक के न्याय मंत्री ने एक महिला को छोड़ने की बात कही थी लेकिन अब बगदाद में अमरीकी सूत्रो का कहना है कि इन दोनों में से किसी को भी तत्काल छोड़ने की कोई योजना नहीं है. इन वैज्ञानिकों की रिहाई की मांग तीन पश्चिमी नागरिकों को बंधक बनाने वाला एक इस्लामी संगठन कर रहा है. इस संगठन ने दो अमरीकी बंधकों को मार डाला है और तीसरे ब्रिटिश नागरिक को मारने की धमकी दी है. इराक़ के न्याय मंत्री मलिक अल हसन ने कहा था कि दूसरी महिला वैज्ञानिक को भी जल्दी रिहा किया जा सकता है.मगर उन्होंने इस बात से इनकार किया कि इस फ़ैसले का उन अपहर्ताओं की माँग से कोई संबंध है जिन्होंने पिछले सप्ताह तीन पश्चिमी नागरिकों को बंधक बना लिया था. इस संगठन ने सोमवार को एक अमेरिकी बंधक यूगीन आर्मस्ट्रांग को मार डाला और मंगलवार को भी एक अन्य अमेरिकी बंधक जैक हेंसली की हत्या कर दी. तीसरा बंधक ब्रिटेन का नागरिक केनेथ बिगले है जिसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है. इन सभी का गत गुरुवार को अपहरण किया गया है. अपहर्ता खुद को अल कायदा संदिग्ध अबू मुसब अल जरकावी के नेतृत्व वाले ताविद जिहाद समूह का बता रहे हैं. ताविद जिहाद का दावा है कि उसने अभी तक छह पश्चिमी बंधकों को मारा है. महिला वैज्ञानिक
इराक़ी न्याय मंत्रालय की प्रवक्ता नूरी अब्दुल रहीम इब्राहीम ने कहा,"सरकार और गठबंधन सेना के बीच ये सहमति हुई है कि रिहाब राशिद ताहा को सशर्त ज़मानत पर रिहा किया जाएगा". ताहा अमेरिकी प्रशासित जेल में हैं और ताहा कि रिहाई की किसी योजना के बारे मे अमरीकी विदेश मंत्रालय ने अनभिज्ञता जतायी है. ये दोनों महिलाएं सद्दाम हुसैन के शासनकाल में वरिष्ठ वैज्ञानिक हुआ करती थीं.राशिद ताहा को डाक्टर जर्म के नाम से जाना जाता था और वह जैविक हथियारों की विशेषज्ञ हैं. ऐसा कहा जाता है कि दोनों महिला वैज्ञानिक सद्दाम हुसैन के हथियार कार्यक्रम से जुडी हुई थीं. ताहा ने माइक्रोबायोलाजी की अपनी पढाई ब्रिटेन में पूरी की है. माना जाता है कि ताहा 1980 मे एंथ्रैक्स उत्पादन का काम कर चुकी हैं. अमरीकी हिरासत में दूसरी वैज्ञानिक हुदा सलिह मेहदी अमाश हैं जो जैव प्रौद्योगिकी शोधकर्ता हैं. उन्हें मिसेज़ एंथ्रैक्स भी कहा जाता है. |
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