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'इराक़ में हथियार नहीं पाए गए' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका में बुश प्रशासन से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि शीर्ष अमरीकी हथियार निरीक्षक चार्ल्स डुएल्फ़र ने अपनी रिपोर्ट के मसौदे में ये पाया है कि इराक़ में भारी तबाही वाले हथियार नही थे. वाशिंगटन से बीबीसी संवाददाता जस्टिन वैब का कहना है कि ऐसा प्रतीत होता है कि इस रिपोर्ट में उनके पूर्ववर्ती हथियार निरीक्षक की बातों का ही समर्थन किया गया है. डेविड के ने जनवरी में ये कहते हुए अपना पद छोड़ दिया था कि इराक़ के पास परमाणु, रासायनिक और जैविक हथियार होने के बारे में अमरीका ग़लत था. मगर चार्ल्स डुएल्फ़र ने ये कहा है कि सद्दाम हुसैन भविष्य में अपने हथियार कार्यक्रम को फिर से शुरू करना चाहते थे. रिपोर्ट अभी पूरी नहीं हुई है मगर उम्मीद की जा रही है कि अगले कुछ हफ़्तों में ये रिपोर्ट पूरी होने के बाद प्रकाशित हो जाएगी. विकास रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि इस बात के प्रमाण मिले हैं कि इराक़ परीक्षण के लिए रासायनिक हथियारों का विकास कर रहा था. साथ ही वहाँ ख़तरनाक ज़हर राइसिन पर भी और शोध चल रहा था और संभवतः इनको हत्या के इरादे से विकसित किया जा रहा था ना कि जनसंहार के इरादे से. समझा जाता है कि इस रिपोर्ट में इराक़ पर हमले से पहले की स्थिति के बारे में कोई निर्णायक बात नहीं रखी जाएगी. और रिपोर्ट में ऐसी संभावनाओं के लिए स्थान छोड़ा जा सकता है कि प्रतिबंधित हथियारों को किसी और देश में भेज दिया गया हो. अधिकारियों का कहना है कि अभी हज़ारों ऐसे दस्तावेज़ बचे हुए हैं जिनका अनुवाद होना और उन्हें पढ़ा जाना बाक़ी है. उनके अनुसार आनेवाले दिनों में और भी कई सनसनीखेज बातें सामने आ सकती हैं. |
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