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हथियारों पर अमरीका अब भी अटल | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका ने कहा है कि ब्रितानी प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर के बयान के बावजूद महाविनाश के इराक़ी हथियारों की खोज जारी रहेगी. ग़ौरतलब है कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने मंगलवार को कहा था कि इराक़ में महाविनाश के हथियार शायद अब कभी नहीं मिलें. ब्लेयर ने एक संसदीय समिति के सामने कहा कि उन्हें मानना होगा कि हथियार नहीं मिले हैं और शायद कभी मिलेंगे भी नहीं. मगर ब्लेयर ये दोहराने से नहीं चूके कि इसका मतलब ये बिल्कुल भी नहीं है कि सद्दाम हुसैन कभी ख़तरा रहे ही नहीं. अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के एक प्रवक्ता स्कॉट मैक्केलन ने कहा कि इराक़ सर्वे ग्रुप इस संभावना पर भी विचार कर रहा है कि महाविनाश के इराक़ी हथियारों को कहीं बाहर तो नहीं भेज दिया गया. ग़ौरतलब है कि इराक़ सर्वे ग्रुप को इराक़ में महाविनाश के हथियारों की तलाश की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है जिस पर वह पिछले साल से काम कर रहा है लेकिन अभी तो कोई सुराग़ नहीं मिले हैं.
ब्रितानी प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने मंगलवार को यह भी कहा था कि इराक़ के पूर्व नेता सद्दाम हुसैन संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव का उल्लंघन कर रहे थे और उन्होंने महाविनाश के हथियार या तो हटा दिए थे, छिपा दिए गए या फिर नष्ट कर दिए गए. राष्ट्रपति बुश और प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने फिर दोहराया है कि इराक़ में महाविनाश के हथियार नहीं मिलने के बावजूद इराक़ पर हमला करना सही था. महाविनाश की क्षमता वाले हथियारों के संबंध में इराक़ सर्वे ग्रुप की अंतिम रिपोर्ट हालाँकि अभी नहीं आई है मगर ब्लेयर ने कहा, "मुझे मानना होगा कि हमें वे नहीं मिले हैं और शायद कभी न मिलें." |
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